लखनऊ, 6 जून 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के पॉश एरिया हजरतगंज के नरही स्थित विद्या मंदिर गर्ल्स हाईस्कूल में ताला लगाए जाने का मामला शनिवार को और गरमा गया। स्कूल बंद होने के विरोध में छात्र-छात्राएं, शिक्षक और अभिभावक सड़क पर उतर आए। विद्यालय के बाहर बच्चों और शिक्षकों ने नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में समर्थन देने पहुंचे सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने इस कार्रवाई को शिक्षा और बेटियों के भविष्य पर हमला बताते हुए सरकार पर निशाना साधा।
विद्यालय प्रबंधन का दावा है कि करीब 90 वर्ष से संचालित इस स्कूल की जमीन शिक्षा के उद्देश्य से दान में दी गई थी। प्रबंधक संतोष रस्तोगी के अनुसार भूमिदाता के निधन के बाद कुछ लोग कथित फर्जी रजिस्ट्री के आधार पर संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर एडीएम कोर्ट से विद्यालय बंद करने का आदेश प्राप्त किया गया और 4 जून को पुलिस की मौजूदगी में स्कूल पर ताला लगा दिया गया। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन को न तो कोई विधिवत नोटिस दिया गया और न ही उनकी आपत्तियां सुनी गईं।

विद्यालय की कार्यवाहक प्रधानाध्यापिका रश्मि के मुताबिक स्कूल में लगभग 250 बच्चे पढ़ते हैं। यहां वर्षों पुराने शैक्षणिक और प्रशासनिक अभिलेख सुरक्षित रखे गए थे लेकिन ताला लगाने की कार्रवाई के दौरान दस्तावेजों को बोरे में भरकर रख दिया गया। बाद में बारिश होने से कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भीग गए। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय की अलमारियां गिरा दी गईं और अभिलेखों के साथ छेड़छाड़ की गई। उनके अनुसार स्कूल प्रबंधन और कर्मचारियों को पहले से कोई सूचना नहीं दी गई जिससे सभी लोग असमंजस और परेशानी में हैं।
प्रदर्शन में शामिल बच्चों ने मुख्यमंत्री से पढ़ाई बचाने की अपील की। उनका कहना था कि अचानक स्कूल बंद होने से उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। अभिभावकों ने भी सवाल उठाया कि यदि विद्यालय बंद किया गया है तो बच्चों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई।

सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि यह विद्यालय उस दौर से संचालित हो रहा है जब देश आजाद भी नहीं हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ भूमाफियाओं और दबंगों ने स्कूल का बोर्ड उखाड़कर जबरन ताला लगा दिया। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देती है, वहीं दूसरी ओर सैकड़ों बच्चियों की शिक्षा संकट में डाल दी गई है। फिलहाल स्कूल पर लगे ताले को लेकर विवाद गहराता जा रहा है और छात्र, शिक्षक व अभिभावक न्याय की मांग कर रहे हैं।






