अल्मोड़ा, 6 जून 2026:
जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर के बीच खेती और किसानों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के मकसद से शनिवार को अल्मोड़ा के हवालबाग में राज्य स्तरीय खेत बचाओ अभियान का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, महिला समूहों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान मिट्टी संरक्षण, जलवायु अनुकूल खेती और पारंपरिक फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खेत बचाओ अभियान अब सिर्फ सरकारी योजना नहीं रह गया है, बल्कि यह जनभागीदारी से जुड़ा एक व्यापक जनआंदोलन बन चुका है। उन्होंने किसानों से अपनी कृषि भूमि, मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान देश की ताकत हैं और मिट्टी हमारे लिए मां के समान है। इसलिए उसकी उर्वरा शक्ति को बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि रासायनिक पदार्थों के अत्यधिक इस्तेमाल से बचते हुए टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना समय की जरूरत है। आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर कृषि व्यवस्था छोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए राज्य बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों को नियमित मिट्टी परीक्षण कराने, पानी का संतुलित इस्तेमाल करने और कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के मुताबिक खेती करने की भी सलाह दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते मौसम को देखते हुए फसल चयन में भी बदलाव जरूरी है।
उन्होंने पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन की जरूरत पर जोर दिया। कहा कि जल, जंगल और जमीन के संरक्षण से जुड़े अच्छे प्रयासों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए बागवानी, पॉलीहाउस, फलोत्पादन, कोल्ड स्टोरेज, मेगा फूड पार्क और सुगंधित फसलों को बढ़ावा दे रही है। वर्तमान में प्रदेश में करीब 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका लगभग खत्म हुई है। उन्होंने दावा किया कि किसानों की आय में वृद्धि के मामले में उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जिले में तारबाड़ योजना के तहत करीब 6 करोड़ रुपये के कार्य कराए जाने की घोषणा भी की। माना जा रहा है कि इससे जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा में मदद मिलेगी। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती की तरफ बढ़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि ड्रैगन फ्रूट, कीवी और मोटे अनाजों को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। खेती का रकबा घटने के बावजूद कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर डीएम अंशुल सिंह, विधायक रानीखेत डॉ. प्रमोद नैनवाल, विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा, विधायक सल्ट महेश जीना, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, दायित्वधारी गंगा बिष्ट, गोविंद पिलख्वाल, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, कृषि सचिव सुरेंद्र नारायण पांडे, निदेशक कृषि, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और किसान मौजूद रहे।






