देहरादून, 7 जून 2026:
इंडियन मिलिट्री एकेडमी परिसर स्थित चैटवुड हॉल गर्व और उत्साह से लबरेज दिखाई दिया। यहां आर्मी कैडेट कॉलेज (एसीसी) विंग के 127वें कोर्स का दीक्षांत समारोह हुआ। तीन वर्ष की कठिन शैक्षणिक और सैन्य ट्रेनिंग पूरी करने वाले 73 कैडेट्स को इस मौके पर स्नातक की उपाधि प्रदान की गई। समारोह में कैडेट्स के परिजन, प्रशिक्षक और सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
आईएमए के कमांडेंट नागेंद्र सिंह ने साइंस स्ट्रीम के 32 और ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम के 42 कैडेट्स को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की बैचलर डिग्री प्रदान की। एसीसी भारतीय सेना का प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान है, जहां जवानों को भविष्य के कमीशंड अधिकारी के रूप में तैयार किया जाता है।

समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल नागेंद्र सिंह ने कहा कि चरित्र, आत्म-अनुशासन, साहस, सकारात्मक सोच और पेशेवर दक्षता एक सफल सैन्य अधिकारी की सबसे बड़ी पूंजी होती है। उन्होंने कैडेट्स को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर बधाई दी।
पुरस्कारों की घोषणा में विंग कैडेट कैप्टन नवीन को चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ गोल्ड मेडल, कंपनी कैडेट कैप्टन अवनीश कुमार मिश्रा को सिल्वर मेडल और विंग कैडेट क्वार्टर मास्टर हर्षराज को ब्रॉन्ज मेडल प्रदान किया गया। सर्विस सब्जेक्ट्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कंपनी क्वार्टर मास्टर सार्जेंट अमनप्रीत सिंह को कमांडेंट सिल्वर मेडल दिया गया। ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम में अव्वल रहने पर अवनीश कुमार मिश्रा और साइंस स्ट्रीम में पहला स्थान हासिल करने पर नवीन को सम्मानित किया गया।
इस दौरान नुब्रा कंपनी को एसीसी की चैंपियन कंपनी घोषित करते हुए कमांडेंट बैनर सौंपा गया। यह सम्मान खेल, शारीरिक प्रशिक्षण, सैन्य अभ्यास, वाद-विवाद, अकादमिक प्रदर्शन और अन्य प्रतिस्पर्धाओं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली कंपनी को दिया जाता है।
कमांडेंट ने एसीसी विंग के कमांडर पीयूष खुराना और उनकी प्रशिक्षक टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षकों की मेहनत और मार्गदर्शन ने कैडेट्स को सेना के सक्षम अधिकारी बनने की दिशा में मजबूत आधार दिया है। जुलाई 2026 में यह बैच प्री-कमीशनिंग ट्रेनिंग के लिए इंडियन मिलिट्री एकेडमी में ऑफिसर कैडेट्स के रूप में शामिल होगा।






