योगेंद्र मलिक
देहरादून, 22 अप्रैल 2026:
उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने बुधवार को वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के नौवें दीक्षांत समारोह में शिरकत करते हुए युवाओं को बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि डिग्री हासिल करना जीवन में नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है।
इस अवसर पर राज्यपाल ने स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों के सफल विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कीं और मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक देकर सम्मानित किया। समारोह की सबसे बड़ी उपलब्धि रही तुलाज इंस्टीट्यूट की बीटेक ईसीई छात्रा गुंजन भटनागर रहीं। उन्हें विश्वविद्यालय में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर श्रीमती विनोद देवी अग्रवाल मेमोरियल गोल्ड मेडल से नवाजा गया।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में नव निर्मित छात्रावास गंगा का लोकार्पण भी किया। साथ ही एआई लिटरेसी, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग विवरणिका, इवोरा उत्तराखण्ड एनवायरनमेंट गार्डियन ऐप और सेंटर फॉर इंडियन नॉलेज सिस्टम की विवरणिका का विमोचन कर तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा दिया।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर तकनीक का युग है। युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मेटावर्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, स्पेस और नैनो टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में दक्ष होना ही होगा। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे केवल नौकरी तलाशने वाले न बनें बल्कि रोजगार सृजित कर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दें।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि तकनीकी ज्ञान के साथ मानवीय मूल्यों, नैतिकता और संवेदनशीलता का संतुलन ही सच्ची सफलता की कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दें जिनके मार्गदर्शन से वे इस मुकाम तक पहुंचे हैं।
इस अवसर पर कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और नवाचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में डॉ. धन सिंह रावत सहित कई प्रमुख शिक्षाविद, कुलपति और गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। समारोह में 5 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने उपाधि प्राप्त कर नए सपनों के साथ अपने भविष्य की ओर कदम बढ़ाया।






