Uttar Pradesh

नोएडा हिंसा के बाद प्रशासन सख्त : गड़बड़ी पर एजेंसियां ब्लैकलिस्ट, लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी!

बैठक में डीएम का कड़ा संदेश, श्रमिकों का शोषण या उपद्रव बर्दाश्त नहीं, न्यूनतम वेतन हर हाल में देना होगा

नोएडा, 15 अप्रैल 2026:

यूपी के गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में हाल ही में हुई हिंसा के बाद प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। औद्योगिक शांति बनाए रखने और श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए डीएम ने विभिन्न औद्योगिक इकाइयों की आउटसोर्सिंग एजेंसियों और संविदाकारों के साथ एक बैठक कर दिशा निर्देश दिए।

डीएम मेधा रूपम ने स्पष्ट रूप से कहा कि आउटसोर्सिंग एजेंसियां और संविदाकार न केवल उद्योगों को संचालित करने में बल्कि बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वे अपने कर्मचारियों और श्रमिकों के बीच अनुशासन और शांति बनाए रखें।

डीएम ने शासन की गाइडलाइंस का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी एजेंसी या उसके कर्मचारियों द्वारा उपद्रवी व्यवहार किया जाता है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की भी होगी। ऐसे मामलों में एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के साथ उसका लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

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श्रमिकों के हितों पर जोर देते हुए डीएम ने राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अकुशल श्रमिकों के लिए 13,690 रुपये, अर्धकुशल श्रमिकों के लिए 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16,868 रुपये प्रतिमाह वेतन तय किया गया है।

उन्होंने सभी संविदाकारों को निर्देश दिया कि वे इन मानकों का पूरी तरह पालन करें और श्रमिकों के बैंक खातों में पूरा वेतन सीधे हस्तांतरित करें। डीएम ने साफ कहा कि किसी भी प्रकार के नियमों का उल्लंघन या श्रमिकों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि उद्योग, श्रमिक और नियोजक एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं तो इसका असर रोजगार और प्रदेश के समग्र विकास पर पड़ता है।

बैठक के दौरान डीएम ने सभी से कहा कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और आपसी सहयोग व विश्वास के साथ कार्य करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार श्रमिकों और नियोजकों दोनों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। प्रशासन हर समस्या के समाधान के लिए तत्पर है। बैठक में एडीएम (वित्त एवं राजस्व) अतुल कुमार, डीडी फैक्ट्री बृजेश समेत संबंधित विभागों के अधिकारी और विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के संविदाकार उपस्थित रहे।

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