योगेंद्र मलिक
देहरादून, 9 जनवरी 2026:
अंकिता भंडारी प्रकरण में अब सीबीआई जांच कराई जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता के माता-पिता की मांग और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए मामले को सीबीआई को सौंपने की संस्तुति दे दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मकसद शुरू से ही निष्पक्ष, पारदर्शी और इंसाफ पर आधारित कार्रवाई करना रहा है और आगे भी यही रास्ता अपनाया जाएगा।
घटना के बाद तुरंत हुई थी कार्रवाई
सीएम ने कहा अंकिता के साथ हुई दर्दनाक घटना की जानकारी मिलते ही सरकार ने बिना देरी किए कदम उठाए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल यानी एसआईटी बनाई गई थी। सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया गया और सरकार की ओर से मजबूत पैरवी की गई। इसी का नतीजा रहा कि जांच और सुनवाई के दौरान किसी भी आरोपी को जमानत नहीं मिली। Ankita Bhandari Case
एसआईटी की गहन जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। निचली अदालत में सुनवाई पूरी होने के बाद सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह साबित करता है कि सरकार ने पूरे मामले में ईमानदारी और मजबूती से काम किया।
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर वायरल हुई कुछ ऑडियो क्लिप्स को लेकर अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। इन मामलों की जांच लगातार जारी है। सरकार ने साफ किया है कि किसी भी सबूत को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में उनकी मुलाकात अंकिता के माता-पिता से हुई थी। बातचीत के दौरान उन्होंने सीबीआई जांच की मांग रखी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंकिता सिर्फ एक पीड़िता नहीं, बल्कि हम सबकी बेटी और बहन थी। परिवार की भावनाओं का सम्मान करते हुए सरकार ने सीबीआई जांच का फैसला लिया है। सरकार ने दोहराया कि अंकिता को इंसाफ दिलाने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।





