Uttarakhand

आज करनी थी लंबी उम्र की कामना… उसी दिन विसर्जित की पति की अस्थियां, बिलख पड़ीं अपर्णा

प्रतीक यादव के निधन के बाद हरिद्वार के वीआईपी घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई अंतिम रस्म, बेटी प्रथमा व पद्मजा भी हुईं भावुक, हाथ मे थामे दिखीं आई लव पापा का स्लोगन, गंगा में अस्थियों को प्रवाहित करने से पूर्व गले से लगाया पात्र

हरिद्वार, 16 मई 2026:

हिंदू परंपरा में अस्थि विसर्जन को मृत्यु के बाद का आखिरी अनुष्ठान माना जाता है। संयोग ऐसा रहा कि जिस दिन सुहागिन महिलाएं वट सावित्री व्रत रखकर पति की लंबी उम्र की दुआ करती हैं, उसी दिन अपर्णा यादव ने अपने पति प्रतीक यादव की अस्थियां मां गंगा में प्रवाहित कीं। इस दिन के एहसास और हाथों की बेबसी ने उन्हें बिलखने पर मजबूर कर दिया।

समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव की अस्थियां शनिवार को हरिद्वार के वीआईपी घाट पर पूरे विधि-विधान के साथ गंगा में विसर्जित की गईं। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच परिवार ने अंतिम धार्मिक रस्में अदा कीं। बेटियां प्रथमा और पद्मजा अस्थि से भरे पात्र को सीने से लगाया उसे चूमा। प्रतीक की मुस्कराती तस्वीर देखकर हर कोई व्यथित था। रो रहीं अपर्णा यादव को परिवार के लोग दिलासा देने में लगे थे।

Aparna Yadav Weeps as She Immerses Husband Prateek Yadav's Ashes (1)

ये भी पढ़ें:

अस्थि विसर्जन के दौरान शिवपाल यादव के सांसद बेटे आदित्य भी साथ रहे। अपर्णा यादव के पिता अरविंद बिष्ट और भाई अमन बिष्ट भी हरिद्वार पहुंचे। घाट पर सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए थे। पूरे माहौल में गहरा सन्नाटा और भावुकता साफ महसूस होती रही। इससे पहले अपर्णा यादव बेटियों के साथ जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचीं, जहां से परिवार सड़क मार्ग से हरिद्वार पहुंचा।

बता दें कि शनिवार सुबह ही लखनऊ के बैकुंठ धाम से अस्थियां लेकर परिजन रवाना हुए थे। प्रतीक यादव का निधन बुधवार सुबह लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर तबीयत बिगड़ने के बाद हुआ था। उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह कार्डिएक अरेस्ट बताई गई है। डॉक्टरों के मुताबिक वह पल्मोनरी एम्बोलिज्म जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, जिसमें खून का थक्का फेफड़ों में फंसने से रक्त संचार रुक जाता है।

पोस्टमार्टम में शरीर पर छह चोटों के निशान मिलने की पुष्टि हुई है। मौत के कारणों की विस्तृत जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है। गुरुवार को लखनऊ के बैकुंठ धाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया था, जहां अखिलेश यादव समेत कई राजनीतिक हस्तियों ने श्रद्धांजलि दी थी।

READ MORE

ये भी पढ़ें  मारपीट के बाद सुर्खियों में आए इस आला अफसर को सरकार का तोहफा...रिटायरमेंट से दो दिन पहले प्रमोशन

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link