लखनऊ, 16 मई 2026:
यूपी में अब पर्यटन सिर्फ ताजमहल, काशी और अयोध्या तक सीमित नहीं रहेगा। योगी सरकार गांवों को ही नया पर्यटन केंद्र बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में जुट गई है। विश्व कृषि पर्यटन दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान को आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के विभिन्न जनपदों में ग्रामीण पर्यटन गतिविधियों का व्यापक आयोजन किया। इस पहल ने गांवों की संस्कृति, कृषि परंपरा, स्थानीय हस्तशिल्प और ग्रामीण जीवनशैली को नई पहचान देने का काम किया।
प्रदेश के प्रयागराज, मैनपुरी, फिरोजाबाद, लखनऊ, कन्नौज, महोबा, चित्रकूट, बस्ती, शामली, मथुरा, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, सिद्धार्थनगर और इटावा सहित कई जिलों में एक साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों का मकसद ग्रामीण पर्यटन को जन-जन तक पहुंचाना, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना रहा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि कार्यक्रमों के दौरान ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ यानी ओडीओपी उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी लगाई गई। इनमें स्थानीय हस्तशिल्प, कृषि आधारित उत्पाद और पारंपरिक वस्तुओं को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही टूर एवं ट्रैवल ऑपरेटरों के साथ संवाद सत्र आयोजित कर ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं और नए पर्यटन मॉडल विकसित करने पर चर्चा की गई।

विश्व कृषि पर्यटन दिवस पर गांवों में संस्कृति और परंपरा के रंग भी जमकर दिखाई दिए। लखनऊ में पारंपरिक व्यंजन और हस्तशिल्प प्रदर्शनी ने लोगों को आकर्षित किया। सहारनपुर में पौधरोपण अभियान चलाया गया। शामली में ग्रामीण खेल प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं तो चित्रकूट में बुंदेली लोक नृत्य और लोकनाट्य ने ग्रामीण संस्कृति की जीवंत तस्वीर पेश की। हमीरपुर में निबंध प्रतियोगिता और बस्ती-संतकबीरनगर में जागरूकता शिविरों के जरिए ग्रामीण पर्यटन के महत्व को लोगों तक पहुंचाया गया।
चंबल वाइल्डरनेस कैंप में आयोजित एक्सपोजर विजिट भी आकर्षण का केंद्र रहा। वहां पर्यटकों ने प्राकृतिक सौंदर्य के बीच बोटिंग और पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। वहीं कन्नौज की एस विराज एग्री टूरिज्म प्रॉपर्टी में किसानों की अतिरिक्त आय और पर्यावरण संरक्षण को लेकर हितधारक परामर्श सत्र आयोजित किया गया।
प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर स्थित सत्यम शिवम सुंदरम एग्री-टूरिज्म प्रॉपर्टी में ग्रामीण जीवनशैली आधारित गतिविधियां, ध्यान सत्र, चूड़ी निर्माण और हस्तशिल्प प्रदर्शनी ने लोगों को गांवों की परंपराओं से जोड़ा। बाराबंकी के रजौली स्थित ‘मधुमक्खी वाला’ केंद्र पर छात्रों को मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन की बारीकियां सिखाई गईं। वहीं नॉर्वे की राजधानी ओस्लो से आए छात्रों ने नंदगांव फार्म स्टे में भारतीय गांवों की संस्कृति और ग्रामीण आतिथ्य का अनुभव लिया।
अपर मुख्य सचिव पर्यटन अमृत अभिजात ने बताया कि प्रदेश में अब तक 234 ग्रामीण पर्यटन ग्राम विकसित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान के जरिए योगी सरकार लोगों को विदेश के बजाय अपने राज्य की सांस्कृतिक विरासत और ग्रामीण पर्यटन स्थलों को देखने के लिए प्रेरित कर रही है।
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