लखनऊ, 14 मई 2026:
यूपी में दिव्यांगजनों को सम्मानजनक जीवन और आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में योगी सरकार की दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान योजना बड़े सहारे के रूप में सामने आई है। सरकार ने वर्ष 2025-26 में 12 लाख से अधिक पात्र दिव्यांगजनों को आर्थिक सहायता देकर यह संदेश दिया है कि योजनाएं अब सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रही हैं।
योजना के तहत हर पात्र दिव्यांगजन को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जा रही है। खास बात यह है कि पूरी भुगतान प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी बनाई गई है। इससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है।
दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान योजना पहले समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित होती थी, लेकिन दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के गठन के बाद इसका संचालन विभाग द्वारा किया जा रहा है। योजना का लाभ 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले उन व्यक्तियों को दिया जा रहा है जिनके पास आजीविका का कोई स्थायी साधन नहीं है और जो शारीरिक स्थिति के कारण नियमित कार्य करने में असमर्थ हैं।
इसयोजना के लिए 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के युवक-युवतियां पात्र हैं। साथ ही लाभार्थी की वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्रों में 46,080 रुपये और शहरी क्षेत्रों में 56,460 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन बनाकर इसे और आसान कर दिया है। अब पात्र दिव्यांगजन sspy-up.gov.in पोर्टल के माध्यम से घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। इससे दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले दिव्यांगजनों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिली है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 में अब तक 12,23,295 लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जा चुका है। सहायता राशि का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से कोषागार की ई-पेमेंट प्रणाली से सीधे बैंक खातों में किया जा रहा है। इससे समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित हुआ है।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उप निदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने बताया कि सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण और सशक्तीकरण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर और निराश्रित दिव्यांगजनों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। साथ ही पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाकर अधिक से अधिक पात्र लोगों तक योजना पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।






