अयोध्या, 13 अप्रैल 2026:
अयोध्या में अब रामलला के साथ परिसर में बने 18 उप-मंदिरों के भी दर्शन शुरू हो गए हैं। सोमवार से नई व्यवस्था लागू हुई, जिसमें श्रद्धालुओं को ऑनलाइन पास के जरिए एंट्री दी जा रही है। पहले ही दिन जबरदस्त उत्साह दिखा और 13 अप्रैल के सभी स्लॉट के करीब 2600 पास रविवार शाम तक बुक हो गए।
मंदिर प्रशासन के मुताबिक बिना पास के किसी को प्रवेश नहीं मिलेगा। एक पास पर अधिकतम 5 लोग दर्शन कर सकेंगे। शुरुआत के दो दिनों में करीब 90 प्रतिशत पास पहले ही बुक हो चुके हैं, जिससे साफ है कि श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।
रामलला का दरबार सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहेगा। दोपहर 12 से 1 बजे के बीच पट बंद रहेंगे। बाकी समय लगातार दर्शन चलते रहेंगे। भीड़ संभालने के लिए दिनभर को 7 स्लॉट में बांटा गया है। हर दो घंटे में नया स्लॉट शुरू होता है, जिसमें करीब 1500 श्रद्धालुओं को प्रवेश मिलता है।
हर दिन 3500 पास जारी किए जा रहे हैं। एक पास पर 5 लोगों को एंट्री मिलने से रोज करीब 17,500 श्रद्धालु दर्शन कर पा रहे हैं। स्लॉट का समय सुबह 7 से 9 बजे, 9 से 11, 11 से 1, 1 से 3, 3 से 5, 5 से 7 और 7 से 9 बजे तक तय किया गया है। पास व्यवस्था फिलहाल ट्रायल के तौर पर 13 अप्रैल से 27 अप्रैल तक लागू की गई है। जैसे ही इसकी घोषणा हुई, कुछ ही मिनटों में बड़ी संख्या में बुकिंग हो गई।
सामान्य पास के जरिए श्रद्धालु सप्त मंडपम में महर्षि वाल्मीकि, विश्वामित्र, अगस्त्य, वशिष्ठ, निषादराज, अहिल्या, माता शबरी के मंदिर, शेषावतार लक्ष्मण मंदिर, कुबेर टीला स्थित शिव मंदिर और दूसरे तल पर बने राम परिवार के मंदिर के दर्शन कर सकते हैं।मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक ऑनलाइन फॉर्म भरकर पास बनाया जा सकता है। फिलहाल परकोटा के मंदिर आम श्रद्धालुओं के लिए बंद हैं, यहां केवल वीआईपी पास धारकों को ही जाने की अनुमति है। अगर ट्रायल सफल रहा तो इस व्यवस्था को आगे भी जारी रखा जा सकता है।






