अयोध्या के रामकथा संग्रहालय में दिखेगी रामायण की पूरी यात्रा, 90 करोड़ से तैयार होंगी 20 गैलरी
Ayodhya Ram Katha Museum : राममंदिर निर्माण समिति की बैठक में हुआ मंथन, 3डी व 7डी तकनीक से श्रद्धालु कर सकेंगे राम मंदिर परिसर का आभासी अनुभव, 15 दिनों में टेंडर जारी करने की तैयारी

अनिल निषाद
अयोध्या, 17 अक्टूबर 2026:
Ayodhya Ramayana Gallery Project: यूपी के अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय को नए रूप में विकसित करने की तैयारी है। करीब 90 करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत संग्रहालय की 20 गैलरी तैयार की जाएंगी। इनमें भगवान राम के जीवन, राम जन्मभूमि के इतिहास, रामायण के प्रसंगों सहित भारतीय संस्कृति से जुड़ी जानकारी आधुनिक तकनीक के जरिए दिखाई जाएगी। परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट अगले सप्ताह तक तैयार करने की योजना है। इसके बाद 15 दिनों के भीतर टेंडर जारी किए जा सकते हैं।
छह महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य
राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक के बाद अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि संग्रहालय के विकास कार्यों को तय समय में पूरा करने की तैयारी चल रही है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद छह महीने के भीतर काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना की जानकारी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि को भी दी गई है।
500 साल के इतिहास से जुड़ी जानकारी मिलेगी
संग्रहालय में प्रस्तावित गैलरियों के जरिए राम जन्मभूमि से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रम को विस्तार से दिखाया जाएगा। इनमें राम जन्मभूमि का पिछले 500 वर्षों का कानूनी इतिहास, भगवान राम की वंशावली सहित उत्खनन में मिले पुरातात्विक अवशेष शामिल होंगे। इन साक्ष्यों के जरिए श्रद्धालु राम जन्मभूमि से जुड़े इतिहास को समझ सकेंगे।

15 मिनट में मिलेगा राम मंदिर परिसर का आभासी अनुभव
संग्रहालय में आधुनिक तकनीक से तैयार होने वाली एक खास गैलरी भी आकर्षण का केंद्र होगी। यहां करीब 15 मिनट के विशेष अनुभव के दौरान श्रद्धालु कुबेर टीला, राम मंदिर के परकोटे की परिक्रमा सहित भगवान राम के दर्शन का आभासी अनुभव कर सकेंगे। इसके लिए 3डी, 7डी वीडियो सहित अन्य तकनीकों का इस्तेमाल करने की योजना है।
रामायण के प्रसंगों को भी दिखाया जाएगा
गैलरियों में भगवान राम की जीवन यात्रा, उनके आदर्शों, सामाजिक समरसता के संदेशों सहित विभिन्न महापुरुषों से जुड़े प्रसंगों को भी जगह दी जाएगी। इन प्रस्तुतियों के जरिए नई पीढ़ी को रामायण के सामाजिक संदेशों, भारतीय संस्कृति व मर्यादा से परिचित कराने की योजना है।
संकट मोचन गैलरी खोलने पर भी विचार
संग्रहालय में हनुमान जी को समर्पित संकट मोचन गैलरी सहित पहले से तैयार चार अन्य गैलरियों को आम लोगों के लिए खोलने पर भी विचार किया जा रहा है। इन्हें श्रद्धालुओं के लिए खोलने का अंतिम फैसला स्वामी गोविंद देव गिरि की सहमति के बाद लिया जाएगा।
निर्माण एजेंसियों को समय पर खर्च करनी होगी रकम
बैठक में निर्माण एजेंसियों को दी गई अग्रिम धनराशि के इस्तेमाल को लेकर भी फैसला लिया गया। नए सीईओ के सुझाव पर तय किया गया कि एजेंसियों को निर्धारित समय के भीतर मिली रकम का उपयोग करना होगा। काम में देरी होने पर संबंधित एजेंसियों को ट्रस्ट को ब्याज देना पड़ेगा।
संग्रहालय में प्रदर्शित किए जाने वाले पुरातात्विक अवशेषों का चयन कर लिया गया है। अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, टेंडर आदि औपचारिकताएं पूरी होने के बाद विकास कार्य शुरू करने की तैयारी है।






