Road Safety : UP में कोहरे का कहर रोकने के लिए एक्शन प्लान, हाईवे पर तैनात होंगे एंबुलेंस और रेस्क्यू वाहन
सर्दियों में सड़क हादसों पर लगेगी लगाम, दुर्घटना संभावित स्थलों पर बढ़ेगी निगरानी, रिफ्लेक्टिव संकेतक दुरुस्त करने और अनफिट वाहनों पर कार्रवाई के निर्देश

लखनऊ, 17 अक्टूबर 2026:
यूपी में सर्दियों के दौरान घने कोहरे और शीतलहर के बीच सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए योगी सरकार ने कमर कस ली है। हाईवे और एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना संभावित स्थलों के आसपास पेट्रोलिंग वाहन, एंबुलेंस और रेस्क्यू वाहन उपलब्ध रखने की तैयारी की जा रही है। सरकार का जोर हादसे के बाद घायलों को तत्काल सहायता और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर है। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को सभी जरूरी इंतजाम समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
हाईवे पर हादसे की जगह तुरंत पहुंचेगी मदद
सर्दियों में घने कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता कम हो जाती है, जिससे वाहनों की टक्कर और अन्य दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए दुर्घटना संभावित स्थलों के आसपास पेट्रोलिंग वाहनों, एंबुलेंस और रेस्क्यू वाहनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य दुर्घटना की सूचना मिलने पर राहत एवं बचाव दल को जल्द मौके पर पहुंचाना और घायलों को बिना देरी इलाज उपलब्ध कराना है।
कोहरे में सड़क की सफेद पट्टियां और संकेतक होंगे स्पष्ट
सड़क सुरक्षा के लिए हाईवे और एक्सप्रेसवे पर लगे रिफ्लेक्टिव चिह्नों, कैट्स आई, दिशासूचक बोर्ड और अन्य यातायात संकेतकों की नियमित जांच की जाएगी। सड़क की बॉर्डर लाइन और मध्य रेखा पर बनी सफेद पट्टियों को भी स्पष्ट रखने के निर्देश दिए गए हैं। धूल से ढके, मिट चुके या उखड़े सड़क चिह्नों का तत्काल नवीनीकरण कराया जाएगा, ताकि कम दृश्यता में वाहन चालकों को सड़क की सीमा और दिशा समझने में परेशानी न हो।
मोड़ और ब्लैक स्पॉट पर बढ़ेगी सतर्कता
प्रमुख चौराहों, तिराहों, क्रॉसिंग, मोड़ों और दुर्घटना संभावित स्थलों पर स्टॉप लाइन, जेब्रा क्रॉसिंग और यातायात संकेतकों को दुरुस्त रखा जाएगा। जरूरत के अनुसार चेतावनी संकेतक और गति सीमा के बोर्ड भी लगाए जाएंगे। इन उपायों से वाहन चालकों को संभावित खतरों का पहले से अंदाजा लगाने में मदद मिलेगी।

अनफिट वाहनों पर कार्रवाई, चालकों को मिलेगी सुरक्षा की सीख
राहत आयुक्त ने सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले अनफिट वाहनों और जुगाड़ से निर्मित असुरक्षित वाहनों के संचालन पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस समन्वय के साथ जांच और प्रवर्तन कार्रवाई करेंगे।
इसके साथ ही जन-जागरूकता अभियान चलाकर चालकों को फॉग लाइट और रिफ्लेक्टिव टेप के इस्तेमाल, सुरक्षित गति बनाए रखने और आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी रखने के प्रति जागरूक किया जाएगा। अधिकारियों को सड़क सुरक्षा इंतजामों की नियमित जांच कर कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील
राहत आयुक्त ने वाहन चालकों से घने कोहरे में विशेष सतर्कता बरतने, दृश्यता के अनुसार गति नियंत्रित रखने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। कम दृश्यता में तेज रफ्तार और वाहनों के बीच कम दूरी गंभीर हादसों का कारण बन सकती है। ऐसे में सुरक्षित गति और पर्याप्त दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।






