
बाराबंकी, 16 जुलाई 2026:
सावन का महीना आते ही बाराबंकी का महादेवा धाम शिवभक्ति के रंग में रंग जाता है। बाबा लोधेश्वर महादेव के दरबार में उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि कई राज्यों से लाखों कांवड़िए गंगाजल लेकर पहुंचते हैं। पूरे महीने बोल बम के जयघोष, भजन-कीर्तन और जलाभिषेक का सिलसिला चलता रहता है। इस बार भी 30 जुलाई से शुरू होने वाले श्रावण मास मेले को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन और जलाभिषेक में किसी तरह की परेशानी न हो।
सदियों पुरानी आस्था का केंद्र है बाबा लोधेश्वर धाम
महादेवा स्थित बाबा लोधेश्वर मंदिर को प्रदेश के सबसे प्राचीन शिवधामों में गिना जाता है। मान्यता है कि यहां का शिवलिंग स्वयंभू है और सतयुग, त्रेता और द्वापर तीनों युगों में इसकी पूजा होती रही। लोककथाओं के अनुसार महाभारत काल में पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान यहां भगवान शिव की आराधना की थी।

एक प्रचलित कथा पंडित लोधेराम अवस्थी से भी जुड़ी है। कहा जाता है कि लंबे समय तक यह शिवलिंग जमीन के भीतर दबा रहा। भगवान शिव ने लोधेराम अवस्थी को स्वप्न में दर्शन देकर अपने स्थान की जानकारी दी। खुदाई के बाद शिवलिंग प्रकट हुआ और तभी से यह स्थान बाबा लोधेश्वर धाम के नाम से प्रसिद्ध हो गया।
कांवड़ यात्रा सिर्फ परंपरा नहीं, आस्था का उत्सव
सावन में बाबा लोधेश्वर धाम की सबसे बड़ी पहचान कांवड़ यात्रा है। श्रद्धालु गंगा से जल भरकर कई किलोमीटर पैदल यात्रा करते हुए महादेवा पहुंचते हैं और बाबा का जलाभिषेक करते हैं। मान्यता है कि श्रद्धा और नियमों के साथ चढ़ाया गया गंगाजल भगवान शिव को अर्पित करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। कांवड़िए पूरी यात्रा के दौरान संयम और धार्मिक परंपराओं का पालन करते हैं। सावन की चारों सोमवारी पर महादेवा धाम में सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ती है और पूरा इलाका शिवमय हो जाता है।

मेले में सुरक्षा और सुविधाओं पर रहेगा खास फोकस
डीएम-एसपी ने संयुक्त रूप से तैयारियों का जायजा लिया। बताया कि श्रावण मेले को देखते हुए मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग, रास्तों की व्यवस्था, बिजली आपूर्ति, साफ-सफाई, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। निर्माण कार्य वाले हिस्सों को सुरक्षित करने, खुले गड्ढों की फेंसिंग करने और मलबा हटाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं का आवागमन बिना किसी परेशानी के हो सके।

मेले से पहले अस्थायी बिजली कनेक्शनों की जांच होगी। दुकानदारों को Fire Safety, गैस सिलेंडर के सुरक्षित इस्तेमाल और अन्य जरूरी सुरक्षा उपायों की जानकारी भी दी जाएगी। मेला क्षेत्र में CCTV Surveillance, ट्रैफिक व्यवस्था और पुलिस की निगरानी भी बढ़ाई जाएगी ताकि लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु बनी रहे।
30 जुलाई से शुरू होगा श्रावण मेला
बाबा लोधेश्वर महादेव श्रावण मास मेला 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक चलेगा। मेले की चार प्रमुख सोमवारी 2-3 अगस्त, 9-10 अगस्त, 16-17 अगस्त और 23-24 अगस्त को होंगी। इसके अलावा भादों कजरी तीज यानी हरतालिका मेला 13 और 14 सितंबर को आयोजित किया जाएगा।
हर सोमवार से पहले रविवार की शाम से ही दूर-दराज़ से कांवड़िए और श्रद्धालुओं का महादेवा पहुंचना शुरू हो जाता है। इसी वजह से इस बार भी प्रशासन और मेला व्यवस्था से जुड़े विभाग तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, ताकि बाबा लोधेश्वर धाम आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुचारु और बेहतर व्यवस्था मिल सके।






