
बाराबंकी, 28 सितंबर 2026:
यूपी के बाराबंकी में एक सप्ताह की राहत के बाद सरयू नदी का जलस्तर फिर बढ़ गया है। रामनगर के हेतमापुर में तेज कटान के चलते करीब 150 साल पुरानी उधिया मस्जिद समेत 14 मकान नदी में समा गए। करीब 1100 साल पुराने बाबा नारायण दास धाम का भवन भी कटान की चपेट में आ गया है। नदी के बढ़ते जलस्तर से रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र के करीब 50 गांवों में बाढ़ का खतरा फिर बढ़ गया है।
खतरे के निशान से 36 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा पानी
एल्गिन ब्रिज पर सरयू नदी का जलस्तर 106.430 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 106.070 मीटर है। यानी नदी का पानी खतरे के निशान से 36 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इस दौरान नदी में कुल 4,28,101 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया।

गिरिजा और शारदा बैराज से भी बढ़ा पानी
नदी में पानी की आवक बढ़ने की वजह से सरयू का बहाव लगातार तेज बना हुआ है। गिरिजा बैराज से 2,35,472 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,60,996 क्यूसेक और सरयू बैराज से 18,538 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सुहेली बैराज से 13,095 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। सभी जगह पानी बढ़ने का ट्रेंड बना हुआ है।
हेतमापुर में घर नदी की चपेट में
रामनगर के हेतमापुर में नदी का कटान सबसे ज्यादा परेशान कर रहा है। रविवार को राजाराम, श्रीराम, शोभाराम चौहान, मुस्ताक, विनोद, मैकू, संतोष, उत्तम, शिवनरायण, जगदीश, इब्राहिम, अमीन, बड़कऊ और महेंद्र के मकान नदी की चपेट में आ गए। कुछ मकान पूरी तरह नदी में समा गए, जबकि कुछ कटे हुए किनारे पर खतरनाक तरीके से लटक रहे हैं।

सामान समेटकर सुरक्षित जगह जा रहे परिवार
कटान बढ़ने के बाद प्रभावित परिवार मकानों की ईंटें और दूसरी जरूरी चीजें निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाते दिखे। हेतमापुर की 150 साल पुरानी उधिया मस्जिद भी नदी में समा गई। गांव में इससे पहले भी नदी के कटान से कई परिवार प्रभावित हो चुके हैं।
अस्पताल की बाउंड्रीवाल बही, भवन पर भी खतरा
कटान की चपेट में आने से स्थानीय चिकित्सालय की बाउंड्रीवाल भी बह गई है। अस्पताल का भवन भी नदी के कटान वाले हिस्से के मुहाने पर पहुंच गया है। आसपास रहने वाले लोगों में अस्पताल को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

बाबा नारायण दास धाम बचाने की कोशिश
करीब 1100 साल पुराने बाबा नारायण दास धाम का भवन भी नदी की कटान की चपेट में आ गया है। धाम को बचाने के लिए एडीएम समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कटान की स्थिति का जायजा लिया। तेज बहाव के चलते मौके पर बचाव कार्य में दिक्कत आ रही है। एडीएम ने बताया कि प्रशासनिक टीम मौके पर मौजूद है और धाम को बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सुंदरनगर पानी से घिरा, पूरनपुर में भी डर
रामनगर का सुंदरनगर पानी से घिर गया है। नदी के दूसरे छोर पर बसे पूरनपुर गांव में भी ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। यहां पहले ही छह घर नदी में बह चुके हैं। पानी और कटान बढ़ने के बाद ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की तैयारी कर रहे हैं।

एक सप्ताह की राहत के बाद फिर बढ़ा जलस्तर
20 सितंबर के बाद सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 98 सेंटीमीटर नीचे चला गया था। पानी घटने के साथ कटान भी धीमा पड़ा था, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी। करीब 18 दिन पहले भी नदी करीब 30 घरों, एक दूरसंचार केंद्र और एक मंदिर को बहा ले गई थी। अब शनिवार से जलस्तर फिर बढ़ने लगा और रविवार को हेतमापुर में कटान ने रफ्तार पकड़ ली।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
सरयू के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। कंट्रोल रूम से निगरानी के साथ नदी किनारे बसे गांवों पर भी नजर रखी जा रही है। रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट क्षेत्र के करीब 50 गांवों में बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन नजर बनाए हुए है।






