
बाराबंकी, 21 जुलाई 2026:
बंकी के छात्र हर्षवर्धन तिवारी की सड़क हादसे में हुई मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मंगलवार को तमाम वकीलों ने शहर में भारी वाहनों के बढ़ते दबाव को हादसों की बड़ी वजह बताते हुए डीएम से मुलाकात की। उन्हें दो सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। कहा कि अगर समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में भी ऐसे दर्दनाक हादसे होते रहेंगे।
हादसे के बाद भी सड़क सुरक्षा पर कोई ठोस पहल नहीं हुई
अधिवक्ता रितेश कुमार मिश्र ने कहा कि 7 जुलाई को माल गोदाम के पास हुए सड़क हादसे में बंकी नई बस्ती के ओम नगर निवासी चंद्रिका प्रसाद तिवारी के इकलौते पुत्र हर्षवर्धन तिवारी की जान चली गई थी। इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया, लेकिन इसके बाद भी सड़क सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम उठता दिखाई नहीं दे रहा है।
रेलवे स्टेशन के पास फर्टिलाइजर रैक प्वाइंट सबसे बड़ा खतरा बनकर उभरा
बाराबंकी रेलवे स्टेशन के पास बने फर्टिलाइजर रैक प्वाइंट पर प्रतिदिन यूरिया, डीएपी और एनपीके खाद की रैक आती हैं। इसके चलते करीब 150 से 200 भारी ट्रक, डीसीएम और अन्य बड़े वाहन शहर के मुख्य बाजार और आवासीय इलाकों से होकर गुजरते हैं। वहीं हाईवे पर नो एंट्री खुलने का इंतजार करते हुए बड़ी संख्या में ट्रक सड़कों पर खड़े रहते हैं। देवा रोड स्थित फैक्ट्री क्षेत्र के आसपास भी भारी वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे लगातार जाम और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। शहर की आबादी के बीच से भारी वाहनों का संचालन बंद कराया जाए और रेलवे स्टेशन के पास स्थित रैक प्वाइंट को आबादी से दूर स्थानांतरित किया जाए। इसके लिए अलग बाईपास या सर्विस रोड का निर्माण कराया जाए, ताकि भारी वाहनों को शहर के भीतर से न गुजरना पड़े।

बंद पड़ी बंकी रेलवे क्रॉसिंग खोलने की मांग रखी
दूसरी प्रमुख मांग देवा रोड स्थित लंबे समय से बंद रेलवे क्रॉसिंग को जल्द खोलने की है। क्रॉसिंग बंद होने से लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है और यातायात का दबाव कुछ चुनिंदा मार्गों पर बढ़ जाता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ती है। हर्षवर्धन की मौत केवल एक परिवार की क्षति नहीं, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था पर गंभीर सवाल है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जनहित को देखते हुए दोनों मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाए।
भविष्य में अन्य परिवार हादसे से बच सकें
वकीलों की अगुवाई स्व. अवध बिहारी मिश्र सेवा ट्रस्ट के संस्थापक रितेश कुमार मिश्र ने की। उनके साथ रईस कादरी, पवन मिश्र, दिवाकर सिंह, राकेश कुमार तिवारी, राजकुमार पाण्डेय, श्रीकांत, राहुल सैनी, शक्ति मिश्रा, अखंड प्रताप सिंह, रेशमा खान, ज्योति सिंह, सुनीता यादव, ओम प्रकाश, विष्णु कुमार सिंह, अंजनी मिश्रा, अखिलेश द्विवेदी, विकास कुमार यादव, वीरेंद्र कुमार यादव, शाकिब सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर से कहा कि मांगों पर अमल किया गया तो भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दर्द शायद न झेलना पड़े।






