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भाजपा को मिला सबसे युवा अध्यक्ष: छत्तीसगढ़ से दिल्ली तक जीत का ट्रैक रिकॉर्ड, जानिए कौन हैं 45 साल के नितिन नबीन

भाजपा ने 45 वर्षीय नितिन नबीन को अपना 12वां और अब तक का सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना है। लंबे संगठनात्मक अनुभव, चुनावी रणनीति में सफलता और जमीन से जुड़े नेतृत्व के कारण उन्हें आने वाले अहम राज्य चुनावों और 2029 की तैयारी का चेहरा माना जा रहा है

नई दिल्ली, 20 जनवरी 2026:

नितिन नबीन भाजपा के निर्विरोध 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। आज भाजपा मुख्यालय में इसका ऐलान किया गया, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें माला पहनाकर स्वागत किया। 45 वर्षीय नबीन, जगत प्रकाश नड्डा की जगह इस उच्च पद पर आए हैं और अब तक इस पद पर आसीन होने वाले सबसे युवा नेता बन गए हैं। जब भाजपा की स्थापना हुई थी, तब नबीन का जन्म भी नहीं हुआ था। नबीन का नया अध्यक्ष चुना जाना पार्टी की संगठनात्मक मजबूती और आगामी महत्वपूर्ण राज्य चुनावों (बंगाल, तमिलनाडु, असम और उत्तर प्रदेश) और 2029 के संघीय चुनाव से पहले पीढ़ीगत बदलाव का संकेत माना जा रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं कैसे नितिन नबीन भाजपा अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचे…

कौन हैं नितिन नबीन?

सियासी पृष्ठभूमि से आने वाले नितिन नबीन के पिता, नबीन किशोर प्रसाद सिन्हा, बीजेपी के वरिष्ठ नेता रहे हैं। उन्होंने पटना वेस्ट विधानसभा सीट से चार बार बिहार विधानसभा के लिए चुनाव जीते। नितिन नबीन का जन्म 23 मई 1980 को रांची में हुआ। उन्होंने साल 1996 में पटना के एक CBSE स्कूल से दसवीं कक्षा पूरी की और आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली चले गए। वहीं उन्होंने 1998 में दिल्ली के एक स्कूल से बारहवीं कक्षा पास की।

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BJP के भीतर उनके साथ काम कर चुके लोग उन्हें मेहनती, राजनीतिक रूप से जिज्ञासु और पार्टी प्रथम मानसिकता वाले नेता के रूप में जानते हैं। उन्हें जमीन से जुड़े, सुलभ और समन्वय के अच्छे नेता के रूप में देखा जाता है। उनकी जातिगत पहचान कायस्थ समुदाय से होने के कारण भी उनके पक्ष में मानी गई, क्योंकि यह समुदाय राजनीतिक रूप से तटस्थ और शांतिप्रिय माना जाता है।

दो दशक का अनुभव और संगठनात्मक ताकत

45 साल की उम्र के बावजूद नबीन के पास लगभग दो दशक का संगठनात्मक अनुभव है। उन्होंने बिहार में पार्टी के युवा संगठन से शुरुआत की और चुनावी जिम्मेदारियों में बढ़ते गए। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को पीछे छोड़कर BJP को सत्ता दिलाने जैसी अहम जिम्मेदारी निभाने का उनका अनुभव उनके संगठनात्मक कौशल को दर्शाता है।

विधायक और मंत्री: राजनीतिक अनुभव की मजबूत नींव

नबीन पांच बार विधायक रह चुके हैं। 2006 में पटना वेस्ट से जीत के बाद उन्होंने लगातार चार बार बैंकिपुर से जीत हासिल की। उन्हें मंत्री के रूप में भी अनुभव है। उन्होंने बिहार के कानून, रोडवेज और शहरी विकास विभागों की जिम्मेदारी थोड़े समय के लिए संभाली। पार्टी स्तर पर उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव और बिहार इकाई के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया।

छत्तीसगढ़ और दिल्ली में रणनीतिक भूमिका

2023 में नबीन को छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की कमान दी गई। उस समय कांग्रेस मजबूत स्थिति में थी, लेकिन नबीन के नेतृत्व में BJP ने स्पष्ट बहुमत से जीत हासिल की। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली में पार्टी को सत्ता में वापस लाने में भी अहम भूमिका निभाई। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि उनका संगठनात्मक दृष्टिकोण और जमीनी समझ उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में मजबूत बनाएगी।

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