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BRICS में मोदी का बड़ा वार : ‘भविष्य हमारा है तो फैसले का अधिकार भी हमारा हो’, UNSC सुधार पर दुनिया को दिया रोडमैप का एजेंडा

शी जिनपिंग-पुतिन समेत ब्रिक्स नेताओं के साथ मोदी की दिखी मजबूत केमिस्ट्री, साझा घोषणापत्र पर बनी सहमति, ग्लोबल साउथ को ‘रूल मेकर’ बनाने की हुंकार

न्यूज डेस्क, 12 सितंबर 2026:

भारत की मेजबानी में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक व्यवस्था में भारत और ग्लोबल साउथ की बढ़ती भूमिका को लेकर दुनिया के सामने एक स्पष्ट और आक्रामक एजेंडा रखा। भारत मंडपम में आयोजित सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन समेत ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्षों का प्रधानमंत्री मोदी ने स्वागत किया। सम्मेलन के दौरान नेताओं के बीच बेहतर मेलजोल देखने को मिला और सभी सदस्य देशों ने साझा घोषणापत्र पर सहमति जताई।
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साझा घोषणापत्र जारी करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बैठक बेहद सार्थक और रचनात्मक रही। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान भारत ने रेजिलियंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी को प्राथमिकता दी। इसी सोच के तहत ब्रिक्स सहयोग को आम लोगों से जोड़ने के लिए 350 से अधिक बैठकों का आयोजन किया गया और करीब 30 शहरों में विभिन्न देशों की टीमों का स्वागत किया गया।

20 साल बाद ब्रिक्स के सामने अगली बड़ी चुनौती

पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स ने पिछले 20 वर्षों में वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। सदस्य देश एक-दूसरे के दृष्टिकोण का सम्मान करते हुए सहमति के आधार पर आगे बढ़ते हैं। अब जरूरत इस एकता और सहमति को वैश्विक मंच पर ठोस परिणामों में बदलने की है। उन्होंने अगले 20 वर्षों के लिए महत्वाकांक्षी एजेंडा तैयार करने और ब्रिक्स के कामकाज को अधिक संस्थागत बनाने पर जोर दिया।

ग्लोबल साउथ को सिर्फ आवाज नहीं, फैसले की ताकत चाहिए

पीएम मोदी ने वैश्विक शासन व्यवस्था में ग्लोबल साउथ की भूमिका बढ़ाने का सीधा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि एआई और महत्वपूर्ण तकनीकें भविष्य के नियम तय कर रही हैं, ऐसे में ग्लोबल साउथ को केवल नियमों का पालन करने वाला नहीं, बल्कि ‘रूल मेकर’ बनाना होगा। उन्होंने वैश्विक व्यापार में सीफेयर की अहम भूमिका का उल्लेख करते हुए आपातकालीन मैरीटाइम व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव भी रखा। मोदी ने कहा कि यदि भविष्य हमारा है तो उसका निर्णय लेने का अधिकार भी हमारा होना चाहिए।
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UNSC सुधार पर अब और इंतजार नहीं

प्रधानमंत्री ने वैश्विक गवर्नेंस में सुधार के लिए अगली ब्रिक्स समिट तक 10 प्रस्तावों वाला ब्रिक्स रिफॉर्म रोडमैप तैयार करने का सुझाव दिया। इसके तीन आधार रिप्रेजेंटेशन, रिस्पॉन्सिवनेस और रूल मेकिंग बताए। मोदी ने साफ कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार अब टाला नहीं जा सकता।

उन्होंने वित्तीय संस्थानों में वोटिंग पावर और आर्थिक नीतियों को मौजूदा वैश्विक आर्थिक वास्तविकताओं के अनुरूप करने की वकालत की। उनका संदेश स्पष्ट था कि जो देश वैश्विक अर्थव्यवस्था को गति दे रहे हैं उन्हें वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में भी उचित भूमिका मिलनी चाहिए।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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