UP News : पुरानी बैटरियों से निकाले जाएंगे कीमती खनिज, मेरठ में 200 करोड़ का निवेश करेगी डीप टेक कंपनी
सर्कुलॉजी क्लीनटेक और इन्वेस्ट यूपी के बीच एमओयू, लिथियम-आयन बैटरी व रेयर अर्थ रिफाइनरी से 300 लोगों को प्रत्यक्ष और 1,000 को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद

लखनऊ, 21 अक्टूबर 2026:
उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश और तकनीक आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने की दिशा में मेरठ से बड़ी खबर सामने आई है। यहां की डीप टेक स्टार्टअप कंपनी सर्कुलॉजी क्लीनटेक प्राइवेट लिमिटेड करीब 200 करोड़ रुपये का निवेश कर लिथियम-आयन बैटरी और रेयर अर्थ रिफाइनरी स्थापित करने की तैयारी में है। इस परियोजना के लिए कंपनी ने इन्वेस्ट यूपी के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। परियोजना से करीब 300 लोगों को प्रत्यक्ष और 1,000 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आधुनिक तकनीक पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पुरानी बैटरियों से निकलेगा लिथियम, कोबाल्ट और निकेल
प्रस्तावित रिफाइनरी की खासियत यह होगी कि इसमें इस्तेमाल हो चुकी लिथियम-आयन बैटरियों और पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से महत्वपूर्ण खनिजों को दोबारा प्राप्त किया जाएगा। इनमें लिथियम, कोबाल्ट और निकेल जैसे खनिज शामिल हैं। इनकी इलेक्ट्रिक वाहनों और आधुनिक तकनीकी उपकरणों के निर्माण में अहम भूमिका है।
इसके अलावा हार्ड ड्राइव और इलेक्ट्रिक वाहनों की मोटरों में इस्तेमाल होने वाले पुराने स्थायी चुंबकों से नियोडिमियम, डिस्प्रोसियम और टर्बियम जैसे रेयर अर्थ तत्व भी निकाले जाएंगे। इनका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में किया जाता है।
कंपनी की योजना रिफाइनरी को चरणबद्ध तरीके से विकसित करने की है। पूरी क्षमता पर पहुंचने के बाद यहां सालाना 10,000 टन सामग्री का प्रसंस्करण किया जा सकेगा। इससे पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैटरियों को उपयोगी संसाधनों में बदलने के साथ महत्वपूर्ण खनिजों की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
आयात पर निर्भरता घटाने की दिशा में अहम कदम
लिथियम, कोबाल्ट, निकेल और रेयर अर्थ तत्वों की उपलब्धता इलेक्ट्रिक वाहन, स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण है। इन क्षेत्रों में घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भरता कम करना भारत की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल्स मिशन के तहत महत्वपूर्ण खनिजों की पूरी आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने पर जोर दिया है। इस्तेमाल हो चुकी बैटरियों और ई-कचरे से खनिजों की रीसाइक्लिंग को प्रोत्साहित करने के लिए 1,500 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना भी इसमें शामिल है।
नवंबर 2025 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में रेयर अर्थ स्थायी चुंबकों के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए 7,280 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी थी। मेरठ में प्रस्तावित रिफाइनरी से मिलने वाले रिसाइकिल्ड खनिज घरेलू औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती देने में उपयोगी हो सकते हैं।

यूपी स्टार्टअप मिशन से मिला सहयोग
यूपी स्टार्टअप मिशन के सीईओ सुमित महाजन के मुताबिक प्रदेश सरकार स्थानीय उद्यमियों और तकनीक आधारित स्टार्टअप को बड़े औद्योगिक निवेश से जोड़ने पर जोर दे रही है। मेरठ की यह परियोजना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सर्कुलॉजी क्लीनटेक उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) से मान्यता प्राप्त डीप टेक स्टार्टअप है जो संसाधनों के पुनर्चक्रण और दोबारा इस्तेमाल पर काम करती है। एमओयू के तहत प्रदेश सरकार परियोजना के लिए जरूरी स्वीकृतियां प्राप्त करने में सुविधा देगी।
इसके साथ ही लागू नियमों के अनुसार केंद्र और राज्य सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ दिलाने में भी सहयोग किया जाएगा। करीब 200 करोड़ रुपये की यह प्रस्तावित परियोजना निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ मेरठ को क्रिटिकल मिनरल रीसाइक्लिंग और रिफाइनिंग के उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाएं भी पैदा करती है।






