UP की बेटियां डिजिटल पढ़ाई में भर रहीं उड़ान, 80 हजार छात्राएं खान एकेडमी से जुड़ीं
प्रदेश के 96% कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में पहुंचा डिजिटल मंच, गणित और विज्ञान विषय में दक्षता बढ़ाने की पहल, सहारनपुर ने हासिल किया 92% लक्ष्य

लखनऊ, 21 अक्टूबर 2026:
यूपी में बेटियों की पढ़ाई को डिजिटल तकनीक से जोड़ने की मुहिम रंग लाने लगी है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) की छात्राएं अब खान एकेडमी के डिजिटल मंच के जरिए गणित और विज्ञान में अपनी समझ और कौशल को मजबूत कर रही हैं। प्रदेश के 96 प्रतिशत केजीबीवी इस मंच पर पंजीकृत हो चुके हैं। वहीं, 80 हजार से अधिक छात्राओं का पंजीकरण बालिका शिक्षा में डिजिटल संसाधनों की बढ़ती पहुंच को दर्शाता है।
खान एकेडमी की 1 से 15 अक्टूबर की प्रदर्शन रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 80,078 छात्राओं ने पंजीकरण कराया है। इनमें से 66,996 छात्राओं के अकाउंट सक्रिय हो चुके हैं। खास बात यह है कि 30,503 छात्राओं ने निर्धारित मासिक लक्ष्य का कम से कम 50 प्रतिशत हासिल कर लिया है। यह आंकड़े बताते हैं कि डिजिटल अभ्यास के जरिए छात्राओं को नियमित पढ़ाई और विषयगत दक्षता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
सहारनपुर सबसे आगे, गाजियाबाद और खीरी ने भी दिखाई दमदार प्रगति
जनपदवार प्रदर्शन में सहारनपुर की छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 92 प्रतिशत के साथ पहला स्थान हासिल किया। गाजियाबाद 89 प्रतिशत के साथ दूसरे और खीरी 81 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहा। इन जिलों में छात्राओं की उपलब्धि डिजिटल शिक्षण मंच के इस्तेमाल और नियमित अभ्यास को बढ़ावा देने के प्रयासों को रेखांकित करती है।
गणित-विज्ञान में दक्षता बढ़ाने पर जोर
खान एकेडमी कार्यक्रम के तहत हर छात्रा को हर महीने गणित और विज्ञान दोनों विषयों में कम से कम चार-चार कौशलों में प्रोफिशिएंट या मास्टर्ड स्तर हासिल करने का लक्ष्य दिया गया है। डिजिटल मंच पर अभ्यास से छात्राओं को अपनी कमजोरियों को पहचानने, विषयों को बेहतर ढंग से समझने और सीखने की गति बढ़ाने का अवसर मिलता है। विद्यालयों में शिक्षकों का मार्गदर्शन और नियमित प्रोत्साहन इस लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से सशक्त होंगी बेटियां
प्रदेश की स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी के मुताबिक खान एकेडमी के माध्यम से छात्राओं को गणित और विज्ञान के कौशल विकसित करने के लिए डिजिटल अभ्यास का अवसर मिल रहा है। प्रयास है कि विद्यालयों में इस मंच का प्रभावी उपयोग हो और अधिकाधिक छात्राएं निर्धारित शिक्षण लक्ष्यों को हासिल करें।
वहीं, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। खान एकेडमी के जरिए गणित और विज्ञान में उनकी दक्षता विकसित करने की पहल बालिका सशक्तीकरण को नई दिशा देगी।






