लखनऊ, 11 जुलाई 2026:
यूपी में सुशासन को लेकर सरकार की सख्त मॉनिटरिंग का असर अब जिलों के प्रदर्शन में साफ दिखाई दे रहा है। सीएम डैशबोर्ड की जून माह की रैंकिंग में शाहजहांपुर ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर प्रशासनिक दक्षता का नया मानक स्थापित किया है। वहीं रामपुर दूसरे और बरेली तीसरे स्थान पर रहे। इन जिलों की सफलता का आधार जनशिकायतों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और बेहतर प्रशासनिक निगरानी रही।
सीएम डैशबोर्ड पर जिलों का मूल्यांकन जनशिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई, नागरिकों से प्राप्त फीडबैक, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक कार्यप्रणाली जैसे कई महत्वपूर्ण मानकों पर किया जाता है। यही वजह है कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिले सीधे शीर्ष रैंकिंग में जगह बना रहे हैं।
शाहजहांपुर के डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिले ने सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विशेष रूप से जनशिकायतों के प्राथमिकता के आधार पर समाधान और शिकायतकर्ताओं से मिले सकारात्मक फीडबैक ने जिले को 10 में से 9.43 अंक दिलाते हुए प्रदेश में पहला स्थान दिलाया।

रामपुर के डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप जिले में विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया गया। इसी का परिणाम है कि रामपुर को 9.41 अंक मिले और वह पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया। उन्होंने बताया कि रामपुर लगातार कई महीनों से टॉप-10 जिलों में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए हुए है।
बरेली के डीएम अविनाश सिंह ने कहा कि शासन की योजनाओं की लगातार मॉनीटरिंग, समीक्षा और समयबद्ध क्रियान्वयन के कारण जिले को 9.30 अंक प्राप्त हुए और वह तीसरे स्थान पर रहा। जून रैंकिंग में महराजगंज ने 9.25 अंक के साथ चौथा स्थान हासिल किया जबकि आजमगढ़ और मैनपुरी ने 9.24-9.24 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से पांचवां स्थान पाया। सोनभद्र और हमीरपुर को 9.23-9.23 अंक मिले। बागपत (9.20) और लखीमपुर खीरी (9.19) भी शीर्ष-10 जिलों में शामिल रहे।
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के सहयोग से विकसित सीएम डैशबोर्ड योगी सरकार का प्रमुख मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म है। इसके माध्यम से सरकार को जिलों के प्रदर्शन की रियल टाइम जानकारी मिलती है, अधिकारियों की जवाबदेही तय होती है और कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों को सुधार के निर्देश दिए जाते हैं। जून की रैंकिंग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि बेहतर प्रशासन और जनसेवा को लेकर प्रदेश के जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा लगातार तेज हो रही है।






