अयोध्या, 8 मार्च 2026:
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अयोध्या दौरा तय हो गया है। हिंदी नव वर्ष के मौके पर वह 19 मार्च को राम मंदिर परिसर पहुंचेंगी। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से कार्यक्रम को मंजूरी मिल चुकी है। अयोध्या में वह करीब चार घंटे तक रहेंगी और मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिकों व कर्मचारियों से मुलाकात करेंगी।
राम मंदिर निर्माण से जुड़ी भवन निर्माण समिति की बैठक के दौरान समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति का कार्यक्रम तय हो चुका है और उसी के मुताबिक तैयारियां की जा रही हैं। बैठक में मंदिर परिसर की व्यवस्था, सुरक्षा और कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा हुई। तय कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति 19 मार्च को सुबह करीब 11 बजे राम मंदिर परिसर पहुंचेंगी। उनके दौरे के दौरान मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिकों और कर्मचारियों को सम्मानित करने का कार्यक्रम भी रखा गया है।
मंदिर परिसर में राष्ट्रपति के कार्यक्रम के बाद श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था को और व्यवस्थित किया जाएगा। इसके बाद प्रतिदिन करीब पांच हजार श्रद्धालु पास के आधार पर परकोटा समेत परिसर के अन्य मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे। बैठक में मंदिर निर्माण कार्य की प्रगति पर भी चर्चा हुई। नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। निर्माण से जुड़ी प्रमुख संस्थाएं एलएंडटी और टीसीएस को 15 मई तक औपचारिक रूप से कार्यमुक्त किया जाएगा। मंदिर परिसर में एक गैलरी भी बनाई जा रही है, जिसमें मंदिर निर्माण की पूरी यात्रा को दिखाया जाएगा।
सुरक्षा के लिहाज से मंदिर परिसर के चारों ओर करीब चार किलोमीटर लंबी आधुनिक बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जा रहा है। यह काम इंजीनियर्स इंडिया की ओर से किया जा रहा है। राष्ट्रपति के दौरे के दौरान श्रद्धालु रामलला के दर्शन नहीं कर सकेंगे। कार्यक्रम पूरा होने के बाद मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को सामान्य कर दिया जाएगा और श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की प्रक्रिया फिर शुरू कर दी जाएगी। बैठक में यह भी बताया गया कि रामलला के सूर्य तिलक की परंपरा को बनाए रखने के लिए सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टिट्यूट और ऑप्टिका के साथ दस वर्षों का समझौता किया गया है।






