दशहरा महोत्सव : परेड ग्राउंड में रावण दहन, धामी बोले- अहंकार और अधर्म का अंत तय
सीएम ने रिमोट का बटन दबाकर पुतलों को जलाया, प्रदेशवासियों को दीं पर्व की शुभकामनाएं, हिन्दू नेशनल इंटर कालेज सहित कई जगहों पर भी हुआ आयोजन

राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 20 अक्टूबर 2026:
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में मंगलवार को बन्नू बिरादरी के दशहरा महोत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रिमोट का बटन दबाकर रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया। विजयादशमी के उल्लास के बीच मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए सत्य, धर्म और मर्यादा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अहंकार और अधर्म चाहे कितने ही शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है।

श्रीराम के जीवन से मिलती है प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरा केवल रावण के पुतले के दहन का पर्व नहीं, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त करने और आत्ममंथन करने का अवसर है। भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, संयम, कर्तव्यनिष्ठा और आदर्श आचरण की प्रेरणा देता है। रावण के पास अपार संपत्ति, शक्ति और विशाल सेना थी, लेकिन अहंकार और मर्यादा का उल्लंघन उसके पतन का कारण बना। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में श्रीराम के आदर्शों को अपनाते हुए समाज में सद्भाव और नैतिक मूल्यों को मजबूत बनाने का संकल्प लेना चाहिए।
राजधानी में कई स्थानों पर हुआ रावण दहन
परेड ग्राउंड के अलावा राजधानी में कई स्थानों पर रावण दहन कर असत्य पर सत्य की जीत का पर्व धूमधाम से मनाया गया। हिन्दू नेशनल इंटर कालेज के ग्राउंड में सीएम धामी की मौजूदगी में रावण के पुतले का दहन किया गया। इसके अलावा पटेल नगर, प्रेमनगर में भी दशहरा मेला आयोजित किया गया। परेड ग्राउंड दशहरा महोत्सव में कैबिनेट मंत्री खजान दास, दशहरा कमेटी के अध्यक्ष संतोख नागपाल, बन्नू बिरादरी के पदाधिकारी एवं सदस्य, आयोजन समिति के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि कराई कब्जामुक्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक सौहार्द की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया गया है। सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों से क्षतिपूर्ति वसूलने के लिए सख्त दंगारोधी कानून लागू किया गया है। समान नागरिक संहिता को समानता और न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

35 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
धामी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां मिली हैं। नकल जैसी अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार के अवसरों के विस्तार और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। धामी ने कहा कि न्याय, सुशासन, समानता व जनकल्याण ही रामराज्य की मूल भावना है। उन्होंने ऐसा प्रदेश बनाने का संकल्प दोहराया, जहां महिलाओं को सुरक्षा, युवाओं को अवसर और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचे।






