Dehradun Police का बड़ा एक्शन: 1500 लोगों का सत्यापन, 147 मकान मालिकों पर 14.70 लाख का जुर्माना
मलिन बस्तियों से पॉश कॉलोनियों, हॉस्टल और पीजी तक पुलिस की छापामार कार्रवाई, संदिग्ध हालात में घूम रहे 23 लोग पूछताछ के लिए थाने ले जाए गए, जमानत पर बाहर 28 आरोपितों का भी हुआ भौतिक सत्यापन

राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 11 अक्टूबर 2026:
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बाहरी व्यक्तियों की पहचान और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए दून पुलिस ने रविवार को बड़ा अभियान चलाया। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक एक साथ सक्रिय हुई पुलिस टीमों ने मलिन बस्तियों, पॉश कॉलोनियों, हॉस्टल, पीजी और होम स्टे में रहने वाले लोगों का सत्यापन किया। अभियान में 1500 से अधिक किरायेदारों, बाहरी व्यक्तियों और छात्रों का सत्यापन किया गया। वहीं, नियमों की अनदेखी करने वाले 147 भवन स्वामियों पर कार्रवाई करते हुए 14.70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
एसएसपी के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान का मकसद किरायेदारों और बाहरी व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित करने के साथ जिले की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। पुलिस की कार्रवाई से उन मकान मालिकों को भी सख्त संदेश दिया गया है, जो किरायेदारों और घरेलू सहायकों का सत्यापन कराने में लापरवाही बरतते हैं।
संदिग्धों पर भी पुलिस की पैनी नजर
सत्यापन अभियान के दौरान अलग-अलग थाना क्षेत्रों में संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे 23 व्यक्तियों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया। पुलिस ने इनसे पूछताछ करने के साथ उनकी पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी की। अभियान के दौरान सामने आई अनियमितताओं के आधार पर 147 भवन स्वामियों के खिलाफ पुलिस अधिनियम की धारा 83 के तहत कार्रवाई की गई। इन पर कुल 14.70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
जमानत पर बाहर 28 आरोपितों का भी सत्यापन
पुलिस ने केवल किरायेदारों और बाहरी व्यक्तियों तक ही अभियान सीमित नहीं रखा। पूर्व में आपराधिक घटनाओं में संलिप्त रहे और जमानत पर चल रहे 28 अभियुक्तों का भी भौतिक सत्यापन किया। एसएसपी ने अधीनस्थ अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले बाहरी व्यक्तियों की पहचान करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए थे।

एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के मुताबिक अभियान का उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना, किरायेदार सत्यापन के नियमों का पालन सुनिश्चित कराना और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखना है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सत्यापन और निगरानी की कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा रही है।






