लखनऊ, 19 मार्च 2026:
चैत्र नवरात्र के पहले दिन लखनऊ पूरी तरह भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगा नजर आया। गुरुवार सुबह से ही घरों में कलश स्थापना और मंदिरों में पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो गया। मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा करते हुए श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पुराने लखनऊ के चौक स्थित बड़ी कालीजी मंदिर में तड़के चार बजे से ही भक्तों का आना शुरू हो गया था। पूरे दिन मंदिर परिसर ‘जय माता दी’ के जयकारों और भजन-कीर्तन से गूंजता रहा। मंदिर को फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया था। यहां विशेष महापूजा, दुर्गा सप्तशती पाठ और आरती का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

वहीं, बक्शी का तालाब स्थित चंद्रिका देवी मंदिर में भी तड़के चार बजे से श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। जैसे-जैसे दिन चढ़ा भीड़ और बढ़ती गई। भक्तों ने नारियल, चुनरी और प्रसाद अर्पित कर मां का आशीर्वाद लिया। प्रशासन की ओर से बैरिकेडिंग और अलग-अलग लाइनें बनाकर दर्शन व्यवस्था को सुचारू रखा गया।

भुइयनदेवी मंदिर सहित शहर के अन्य प्रमुख देवी मंदिरों में भी पूरे दिन पूजा-अर्चना का सिलसिला चलता रहा। कई स्थानों पर भंडारे और जागरण की तैयारियां भी की गई हैं। मंदिर समितियों ने साफ-सफाई, पेयजल और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा है।
नवरात्र के मद्देनजर प्रशासन और पुलिस भी पूरी तरह सतर्क नजर आई। सभी प्रमुख मंदिरों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है और सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।







