लखनऊ, 4 फरवरी 2026:
यूपी में मतदाता सूची को लेकर चल रही सियासत और आरोप-प्रत्यारोप के बीच चुनाव आयोग ने मतदाताओं को राहत देने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के तहत आगामी 27 फरवरी तक प्रदेश के सभी मतदान बूथों पर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक बूथ लेवल अफसर (बीएलओ) मौजूद रहेंगे। इसका उद्देश्य मतदाताओं को अपने नाम से जुड़ी हर शंका का समाधान मौके पर ही उपलब्ध कराना है।
बीएलओ के पास फॉर्म-6 (नया नाम जोड़ने), फॉर्म-7 (नाम हटाने) और फॉर्म-8 (संशोधन) के साथ ड्राफ्ट मतदाता सूची, मतदाता सूची से हटाए गए नामों की सूची और वर्ष 2003 की मतदाता सूची भी उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा हर बूथ पर वोटर असिस्टेंट बूथ भी स्थापित किए जाएंगे जहां मतदाता अपनी मैपिंग से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करा सकेंगे।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक 6 फरवरी तक मतदाता अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। जिन मतदाताओं की मैपिंग अब तक नहीं हो सकी है उन्हें नोटिस भेजकर अभिलेखीय साक्ष्य मांगे जा रहे हैं। वहीं 6 फरवरी से 27 फरवरी तक नोटिस चरण में सुनवाई, सत्यापन और दावे-आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 6 मार्च को किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपना मोबाइल नंबर अपने ईपिक नंबर से लिंक अवश्य करा लें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विदेशी नागरिकों से विवाह करने वाली महिलाओं को मतदाता बनने के लिए पहले भारतीय नागरिकता प्राप्त करनी होगी। thehohalla news
फॉर्म-7 को लेकर उन्होंने कहा कि इसमें नाम कटने वाले व्यक्ति और फॉर्म जमा करने वाले दोनों को बीएलओ द्वारा नोटिस भेजा जाएगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि फॉर्म संबंधित व्यक्ति ने ही भरा है।
उन्होंने ‘बुक कॉल विद बीएलओ’ सुविधा में यूपी के बेहतर प्रदर्शन की भी जानकारी दी। यूपी में 2,36,233 कॉल में से सिर्फ 0.6 प्रतिशत मामले लंबित हैं जो बड़े राज्यों में सबसे बेहतर प्रदर्शन है।






