न्यूज डेस्क, 2 मई 2026:
शनिवार सुबह देश के कई हिस्सों में लोगों के मोबाइल फोन अचानक सायरन जैसी आवाज के साथ बज उठे। स्क्रीन पर ‘Extremely Severe Alert’ लिखा मैसेज दिखा तो कुछ देर के लिए लोग असमंजस में पड़ गए। कई लोगों ने इसे किसी बड़ी आपदा का संकेत समझ लिया। फिलहाल थोड़ी ही देर में साफ हो गया कि यह कोई असली अलर्ट नहीं बल्कि सरकार की ओर से किया गया टेस्ट मैसेज था।
शनिवार को सुबह 11.45 बजे आए इस मैसेज के जरिए Cell Broadcast सिस्टम की जांच की गई, जो आपदा की हालात में तुरंत सूचना पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है। मैसेज में साफ लिखा था कि यह टेस्ट मैसेज है, लोगों को कोई कदम उठाने की जरूरत नहीं है। यह अलर्ट हिंदी और अंग्रेजी के साथ कई भाषाओं में अलग-अलग राज्यों में भेजा गया था, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे समझ सकें। इसमें बताया गया कि यह एक तरह का टेस्ट मैसेज है, जिसका मकसद सिस्टम की क्षमता परखना है।
अलर्ट के दौरान जो आवाज सुनाई दी, वह खास इमरजेंसी सायरन थी, जिसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि लोग तुरंत ध्यान दें। हालांकि इस बार यह सिर्फ परीक्षण था। अलर्ट के समय जो लोग ऑन कॉल थे उनका कनेक्शन कट गया। इससे वो भी अचरज में पड़ गए हालांकि मैसेज पढ़ते ही बात उनके समझ मे आ गई। इस अलर्ट के बाद सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा रही। कई लोगों ने लिखा कि पहले उन्हें खतरे का अंदेशा हुआ, बाद में मैसेज पढ़कर स्थिति समझ आई। कुछ यूजर्स ने इसे डराने वाला अनुभव बताया, जबकि कई ने इसे जरूरी कदम माना।
क्या है सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम
Cell Broadcast तकनीक पारंपरिक SMS से अलग काम करती है। इसमें किसी मोबाइल नंबर की जरूरत नहीं पड़ती। एक ही समय में बड़े इलाके या पूरे देश के मोबाइल यूजर्स तक मैसेज पहुंचाया जा सकता है। आपदा के वक्त यह सिस्टम तेजी से चेतावनी देने में काम आ सकता है।






