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न नौकरी की तलाश, न किसी के आगे हाथ फैलाया… साधना ने ऐसे खड़ा किया अपना बिजनेस

इटावा की साधना ने सीएम युवा योजना से बदली जिंदगी की तस्वीर, पूंजी की कमी बनी चुनौती तो 3.20 लाख के ऋण से शुरू किया वाटर प्लांट, अब 4.20 लाख का कारोबार और 6 लोगों को रोजगार

लखनऊ/इटावा, 2 सितंबर 2026:

कभी अपना कारोबार शुरू करने का सपना था लेकिन सबसे बड़ी बाधा थी पूंजी। फिर एक दिन समाचार पत्र में प्रकाशित सरकारी योजना की जानकारी ने साधना की जिंदगी की दिशा बदल दी। यूपी के इटावा के महेवा क्षेत्र की रहने वाली साधना ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) के तहत वित्तीय सहायता हासिल की और ‘जय भोले वाटर प्लांट’ की शुरुआत कर दी। आज उनका उद्यम सफलतापूर्वक चलने के साथ ही छह लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार भी दे रहा है।

ऐसे मिली योजना की जानकारी, मन में जगा कारोबार का सपना

साधना बताती हैं कि जब उन्होंने समाचार पत्र में सीएम युवा योजना के बारे में पढ़ा, तब उनके पास अपना कोई व्यवसाय नहीं था। परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और अपने पैरों पर खड़े होने की इच्छा जरूर थी। योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने आवेदन किया और स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाने का फैसला किया। उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती कारोबार शुरू करने के लिए पूंजी जुटाना था। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण यह सपना आसान नहीं था। ऐसे समय में सरकारी योजना उनके लिए सहारा बनी।

3.20 लाख का ऋण और 87 हजार का अनुदान बना सहारा

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अप्रैल 2025 में साधना को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 3.20 लाख रुपये का ऋण और 87 हजार रुपये का अनुदान मिला। इसी आर्थिक सहायता से उन्होंने ‘जय भोले वाटर प्लांट’ की स्थापना की और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का काम शुरू किया। शुरुआत में कारोबार को स्थापित करना चुनौतीपूर्ण था लेकिन साधना ने गुणवत्ता और बेहतर सेवा को अपना आधार बनाया। धीरे-धीरे लोगों का भरोसा बढ़ा और उनके वाटर प्लांट ने क्षेत्र में अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी।

मेहनत रंग लाई, 4.20 लाख रुपये तक पहुंचा टर्नओवर

लगातार मेहनत और ग्राहकों की जरूरत के मुताबिक बेहतर सेवाएं देने का परिणाम यह हुआ कि आज साधना के उद्यम का वार्षिक टर्नओवर करीब 4.20 लाख रुपये तक पहुंच चुका है। वह मानती हैं कि कारोबार की सफलता के पीछे गुणवत्तापूर्ण सेवा और ग्राहकों का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है।
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खास बात यह है कि साधना का यह कारोबार सिर्फ उनके परिवार तक सीमित नहीं रहा। उनके वाटर प्लांट से 6 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। यानी जिस योजना ने एक महिला को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया, उसी उद्यम ने दूसरे परिवारों की आजीविका का भी सहारा तैयार कर दिया।

अब कारोबार विस्तार और ज्यादा रोजगार का लक्ष्य

साधना अब अपने वाटर प्लांट को और विस्तार देना चाहती हैं। उनका लक्ष्य अधिक लोगों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के साथ नए रोजगार के अवसर पैदा करना है। उनका कहना है कि मेहनत के साथ यदि सरकारी योजनाओं का सहयोग मिल जाए तो आत्मनिर्भर बनने का सपना हकीकत में बदला जा सकता है।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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