एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 7 मई 2026:
निगोहां के एक किसान परिवार में बेटे की शादी का दिन कभी न भूलने वाला बन गया। जिस घर से शाम को बरात निकलनी थी, उसी घर से कुछ घंटे पहले पिता की अर्थी उठ गई। शादी की रौनक देखते ही देखते मातम में बदल गई। फिलहाल तय हुआ कि बरात जाएगी फिर अंतिम संस्कार निपटाकर दूल्हा बरात लेकर निकला और दुल्हन भी घर आ गई। हालांकि इस बीच ढोलक, मंगल गीत और हंसी के ठहाके सब शांत ही रहे।
दरअसल निगोहां निवासी भाई लाल बेटे रिंकू कश्यप की शादी को लेकर कई दिनों से तैयारियों में जुटे थे। रिश्तेदारों का आना-जाना लगा था। घर में हल्दी और मेहंदी की रस्में चल रही थीं। गांव के लोगों को भी उन्होंने खुद जाकर बरात में शामिल होने का न्योता दिया था।

परिजनों ने बताया कि सोमवार को रस्मों के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। हालत ज्यादा खराब होने पर उन्हें निगोहां के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मंगलवार सुबह, जिस दिन बेटे की बरात जानी थी, उसी दिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
मौत की खबर मिलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। रिश्तेदारों ने किसी तरह परिवार को संभाला। एक तरफ पिता के अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी, दूसरी तरफ शादी की रस्मों को लेकर असमंजस बना रहा। मंगलवार शाम गांव में भाई लाल का अंतिम संस्कार किया गया। चिता की आग ठंडी भी नहीं हुई थी कि रात करीब आठ बजे सीमित लोगों के साथ बरात रायबरेली के बंका गढ़ के लिए रवाना हो गई। पूरे रास्ते बरात में सन्नाटा पसरा रहा।

उधर, लड़की पक्ष को घटना की जानकारी मिली तो वहां भी माहौल गमगीन हो गया। दोनों परिवारों ने बातचीत के बाद बिना किसी शोर-शराबे के सादगी से शादी की रस्में पूरी कराईं। मंत्र तो गूंज रहे थे लेकिन चेहरे सपाट थे। बुधवार को रिंकू कश्यप दुल्हन को लेकर घर पहुंचा। बहू का स्वागत रस्मों के मुताबिक हुआ, लेकिन घर का माहौल अब भी भारी बना रहा। क्रंदन तो नहीं था लेकिन घर के मुखिया को याद कर सिसकियां साथ छोड़ने को तैयार नहीं थीं।






