लखनऊ, 7 मई 2026:
यूपी सरकार प्रदेश के युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के युवक-युवतियों के लिए संचालित कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना एक बड़ा बदलाव लेकर आई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत 29,191 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देकर सरकार ने उन्हें डिजिटल युग में आगे बढ़ने का मजबूत आधार दिया है।
इस योजना के तहत सबसे ज्यादा 22,407 युवाओं ने ओ-लेवल कम्प्यूटर कोर्स पूरा किया और 6,784 युवाओं ने सीसीसी कोर्स कर डिजिटल स्किल हासिल की। यह आंकड़े बताते हैं कि युवाओं में तकनीकी शिक्षा को लेकर उत्साह तेजी से बढ़ रहा है। सरकार की पहल जमीनी स्तर पर असर दिखा रही है।
योजना का लाभ उन ओबीसी युवक-युवतियों को दिया जा रहा है जिन्होंने इंटरमीडिएट पास किया है। इसके साथ ही उनके माता-पिता या अभिभावकों की वार्षिक आय एक लाख रुपये या उससे कम है। प्रशिक्षण भारत सरकार की नीलिट से मान्यता प्राप्त संस्थानों के माध्यम से कराया जा रहा है जिससे कोर्स की गुणवत्ता भी सुनिश्चित होती है।
सबसे बड़ी राहत यह है कि प्रशिक्षण का पूरा खर्च सरकार वहन कर रही है। ओ-लेवल कोर्स के लिए अधिकतम 15,000 रुपये और सीसीसी कोर्स के लिए 3,500 रुपये तक की फीस सीधे संस्थानों को दी जाती है। यदि किसी अभ्यर्थी ने पहले से फीस जमा कर दी है तो सत्यापन के बाद राशि उसके खाते में वापस कर दी जाती है। इससे योजना और भी पारदर्शी व लाभार्थी हितैषी बन गई है।
प्रदेश में इस समय 299 संस्थान इस योजना से जुड़े हैं। इनमें 52 केवल ओ-लेवल, 43 केवल सीसीसी और 204 संस्थान दोनों कोर्स संचालित कर रहे हैं। यह व्यापक नेटवर्क युवाओं को अपने ही जिले में आसानी से प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर देता है।
लाभार्थियों का चयन जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाता है,् जबकि संस्थानों का चयन निदेशक स्तर पर सुनिश्चित किया जाता है। आवेदन प्रक्रिया भी पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। इससे पारदर्शिता बनी रहती है।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक उमेश प्रताप सिंह के अनुसार इस योजना का उद्देश्य ओबीसी युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस योजना का अधिकतम लाभ उठाकर अपने भविष्य को सशक्त बनाएं और डिजिटल दुनिया में अपनी पहचान स्थापित करें।






