FSSAI का एक्शन : फ्लिपकार्ट पर एक्सपायरी फूड डिलीवर, श्रेयश रिटेल का लाइसेंस सस्पेंड
फ्लिपकार्ट के जरिए एक्सपायर और सड़े-गले खाद्य उत्पाद बेचने के आरोप, ग्राहकों की 130 से ज्यादा शिकायतें मिलीं, कुछ ग्राहकों ने ऐसे सामान के सेवन के बाद उल्टी की शिकायत की, दिल्ली और नोएडा के वेयरहाउस में भी मिलीं कमियां, बार-बार नोटिस और सुनवाई के बाद भी सुधार नहीं, खाद्य सुरक्षा को गंभीर खतरा मानते हुए FSSAI ने की कार्रवाई

न्यूज डेस्क, 9 अक्टूबर 2026:
यूपी समेत देशभर में ऑनलाइन Food Delivery और E-commerce प्लेटफॉर्म के जरिए खाद्य सामान की बिक्री को लेकर FSSAI ने सख्त कार्रवाई की है। फ्लिपकार्ट प्लेटफॉर्म पर खाद्य उत्पाद बेचने वाली श्रेयश रिटेल प्राइवेट लिमिटेड का FSSAI लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है। कंपनी पर एक्सपायर हो चुके और सड़े-गले खाद्य उत्पाद ग्राहकों तक पहुंचाने के आरोप हैं।
130 से ज्यादा शिकायतें मिलीं
FSSAI के मुताबिक, कंपनी के खिलाफ 130 से ज्यादा ग्राहकों की शिकायतें और आपत्तियां मिली थीं। इनमें 70 से ज्यादा शिकायतें एक्सपायर या सड़े-गले खाद्य उत्पादों की बिक्री से जुड़ी थीं। कुछ ग्राहकों ने ऐसे खाद्य उत्पाद खाने के बाद उल्टी होने की शिकायत भी की।
बार-बार नोटिस के बाद भी सुधार नहीं
FSSAI ने बताया कि संबंधित Food Business Operator यानी FBO को कई बार सुधार नोटिस दिए गए। सुधारात्मक निर्देश जारी करने के साथ व्यक्तिगत सुनवाई का मौका भी दिया गया, लेकिन कंपनी नियमों के उल्लंघन को दोबारा होने से रोकने के लिए प्रभावी सुधारात्मक और रोकथाम के उपाय नहीं दिखा सकी।
दिल्ली और नोएडा के परिसरों में मिलीं कमियां
जांच के दौरान दिल्ली और नोएडा में Instacart Services Private Limited के दो परिसरों का निरीक्षण किया गया। ये परिसर फ्लिपकार्ट के ऑर्डर के लिए वेयरहाउसिंग, फुलफिलमेंट और डिलीवरी का काम करते हैं। यहां एक्सपायर हो चुके और एक्सपायरी के करीब पहुंच चुके खाद्य उत्पाद मिले। निरीक्षण में साफ-सफाई और स्वच्छता से जुड़ी कमियां भी सामने आईं।
सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर FSSAI सख्त
FSSAI ने लगातार एक्सपायर खाद्य उत्पादों की बिक्री और डिलीवरी को खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय माना। इसके बाद M/s श्रेयश रिटेल प्राइवेट लिमिटेड का FSSAI लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। कंपनी को Food Safety and Standards Act, 2006 और उसके तहत बनाए गए नियमों और विनियमों का पालन करने का निर्देश दिया गया है।






