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Share Market : गिरावट के बाद बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 404 अंक उछला, तेजी के टिकने पर नजर

कल की भारी बिकवाली के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में रिकवरी, निवेशकों के करीब 10 लाख करोड़ रुपये डूबने के बाद बाजार ने संभलने की कोशिश की, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की बिकवाली बनी चुनौती, आईटी शेयरों पर भी दबाव

बिजनेस डेस्क, 9 अक्टूबर 2026:

देशभर के निवेशकों की नजर शुक्रवार को शेयर बाजार की चाल पर टिकी है। गुरुवार को भारी गिरावट के बाद शुक्रवार सुबह बाजार ने वापसी की। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 404.13 अंक चढ़कर 71,997.37 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 131.75 अंक की बढ़त के साथ 22,363.55 पर कारोबार करता दिखा। दोनों प्रमुख सूचकांकों में करीब आधा फीसदी से ज्यादा की तेजी ने बाजार को राहत दी है, लेकिन वैश्विक दबाव के बीच यह देखना अहम होगा कि खरीदारी का सिलसिला कितना टिकता है।

भारी बिकवाली के बाद संभला बाजार

गुरुवार की गिरावट ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया था। बाजार में करीब 10 लाख करोड़ रुपये की पूंजी घटने की खबरों के बीच सेंसेक्स 32 महीने और निफ्टी 18 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए थे। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 338 अंक चढ़कर 71,930 और निफ्टी 50 करीब 91 अंक की बढ़त के साथ 22,323 के पार पहुंचा। सुबह 9:28 बजे तक तेजी और बढ़ गई।

शॉर्ट कवरिंग से मिली शुरुआती राहत

बाजार में आई तेजी की एक वजह शॉर्ट कवरिंग मानी जा रही है। भारी गिरावट के बाद ट्रेडर अपनी शॉर्ट पोजिशन बंद करने के लिए खरीदारी करते हैं, जिससे सूचकांकों को सहारा मिलता है। लगातार बिकवाली के चलते कई शेयरों में कीमतें नीचे आने के बाद भी खरीदारी बढ़ी। कच्चे तेल की कीमतों में पिछले सत्र के मुकाबले हल्की नरमी ने भी बाजार को कुछ राहत दी।

104 डॉलर के करीब कच्चा तेल बढ़ा रहा चिंता

शुरुआती तेजी के बावजूद बाजार के सामने चुनौतियां बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 104 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। पश्चिम एशिया में तनाव के चलते तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल की ऊंची कीमतों का असर देश की अर्थव्यवस्था के साथ शेयर बाजार पर भी पड़ सकता है।

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विदेशी निवेशकों की बिकवाली से दबाव

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की लगातार बिकवाली भी बाजार की चिंता बढ़ा रही है। गुरुवार को विदेशी निवेशकों ने 12,944 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे। इतनी बड़ी बिकवाली के बीच घरेलू बाजार में टिकाऊ तेजी के लिए निवेशकों का भरोसा लौटना जरूरी होगा।

आईटी शेयरों पर दोहरी मार

आईटी सेक्टर भी दबाव में है। देश की प्रमुख आईटी कंपनी टीसीएस के तिमाही नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहने से इस सेक्टर को लेकर चिंता बढ़ी है। इसके अलावा, अमेरिका में ग्रीन कार्ड से जुड़े एक प्रमुख लेबर प्रोग्राम को निलंबित किए जाने की खबरों से इंफोसिस, विप्रो और टीसीएस जैसी कंपनियों के शेयरों पर दबाव पड़ने की आशंका है।

छोटे निवेशक जल्दबाजी से बचें

बाजार में आई तेजी को फिलहाल गिरावट के बाद की रिकवरी के तौर पर देखा जा रहा है। इसे तेजी के नए दौर की शुरुआत मानना जल्दबाजी होगी। कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों के रुख और वैश्विक हालात पर बाजार की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी। छोटे निवेशकों के लिए उतार-चढ़ाव के बीच बिना सोच-समझे बड़ी रकम लगाने से बचना और कंपनियों के मजबूत फंडामेंटल को ध्यान में रखकर फैसला लेना अहम है।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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