
हरिद्वार, 22 जुलाई 2026:
हरिद्वार में आयोजित आम महोत्सव सिर्फ आमों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि किसानों, बागवानी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई बड़े संदेशों का मंच बन गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यहां बीज संजीवनी अभियान की शुरुआत करते हुए आम, जामुन, कटहल, नीम और बेल के बीज रोपे। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि फल खाने के बाद उनके बीज फेंकने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर रोपें, ताकि ज्यादा से ज्यादा पेड़ तैयार हों और हरित उत्तराखंड के निर्माण में सभी की भागीदारी बढ़े।
हरिद्वार के आमों की तारीफ, किसानों को बताया सबसे बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री ने आम की विभिन्न प्रजातियों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और किसानों व बागवानी से जुड़े लोगों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि हरिद्वार के आम स्वाद और गुणवत्ता के मामले में किसी से कम नहीं हैं। यह महोत्सव उत्तराखंड की बागवानी क्षमता को नई पहचान देने का माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत ही राज्य की सबसे बड़ी ताकत है और उनकी आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।
एप्पल मिशन से लेकर ड्रैगन फ्रूट तक पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार नई योजनाएं चला रही है। एप्पल मिशन के तहत किसानों को 70 से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा कीवी मिशन, ड्रैगन फ्रूट की खेती, महक क्रांति और सुगंधित व औषधीय पौधों पर आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक तरीके से तैयार परफ्यूम की देश और विदेश में लगातार मांग बढ़ रही है, जिससे किसानों के लिए नए अवसर तैयार हो रहे हैं।

हिमालय ब्रांड से बढ़ रही स्थानीय उत्पादों की पहचान
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू किए गए हिमालय ब्रांड के जरिए उत्तराखंड की मातृशक्ति के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिली है। बेहतर गुणवत्ता और आकर्षक पैकेजिंग की वजह से स्थानीय उत्पादों की ब्रांड वैल्यू लगातार बढ़ रही है।
बीज संजीवनी अभियान से हरित उत्तराखंड की पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीज संजीवनी अभियान की शुरुआत हरिद्वार से की गई है और इसे पूरे प्रदेश में जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम, जामुन, कटहल, बेल समेत अन्य फलों के बीज सुरक्षित स्थानों पर रोपे जाएं, ताकि प्राकृतिक तरीके से अधिक पेड़ तैयार हो सकें। इससे जैव विविधता का संरक्षण होगा, पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ व हराभरा वातावरण मिल सकेगा।

उन्होंने युवाओं, विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संगठनों और विभिन्न संस्थाओं से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करते हुए विश्वास जताया कि जनसहभागिता से यह अभियान पर्यावरण संरक्षण की बड़ी मुहिम बनेगा।
सरकार के फैसलों और विकास कार्यों का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून और धर्मांतरण विरोधी कानून जैसे कई अहम फैसले लिए हैं, जिनकी देशभर में चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों के बच्चों को आधुनिक और समान शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए मदरसा शिक्षा व्यवस्था में भी सुधार किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कृषि, बागवानी, मत्स्य, पर्यटन, निवेश और खनन समेत कई क्षेत्रों में उत्तराखंड तेजी से आगे बढ़ रहा है। खनन क्षेत्र में बेहतर काम के लिए भारत सरकार ने राज्य को 200 करोड़ रुपये का पुरस्कार भी दिया है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार को विकास की इस रफ्तार में नई पहचान दिलानी है और आम महोत्सव जैसे आयोजन किसानों को बाजार से जोड़ने के साथ उनकी मेहनत को नई पहचान देने का काम करते हैं।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा, प्रदीप बत्रा, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, डॉ. मधु, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, मेयर किरण जैसल, मेयर अनीता अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।






