इछाड़ी परियोजना : पीक आवर्स में बिजली संकट से मिलेगी राहत, निदेशक मंडल की बैठक में कई अहम प्रस्ताव मंजूर
सचिवालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुए फैसले, परियोजना से प्रतिवर्ष 1,246 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन का अनुमान, वित्तीय प्रबंधन व कार्मिक हितों से जुड़े प्रस्तावों पर लगी मुहर

राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 13 अक्टूबर 2026ः
उत्तराखंड की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने और भविष्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने की दिशा में यूजेवीएन लिमिटेड ने बड़ा कदम उठाया है। यूजेवीएन लिमिटेड के निदेशक मंडल ने 600 मेगावाट क्षमता की इछाड़ी पंप्ड स्टोरेज परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना से पीक आवर्स यानी बिजली की सर्वाधिक मांग के समय प्रतिवर्ष लगभग 1,246 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन का अनुमान है।
सचिवालय में मुख्य सचिव एवं यूजेवीएनएल के अध्यक्ष आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई निदेशक मंडल की 136वीं बैठक में ऊर्जा उत्पादन, निर्माणाधीन परियोजनाओं, वित्तीय प्रबंधन और कार्मिक हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के फैसलों को प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों और जलविद्युत विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पीक डिमांड में बिजली की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर
यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने कहा कि इछाड़ी पंप्ड स्टोरेज परियोजना प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने और भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करेगी। पंप्ड स्टोरेज तकनीक के माध्यम से ऊर्जा का भंडारण कर जरूरत के समय बिजली उपलब्ध कराने में सहायता मिलती है। इससे खास तौर पर उन घंटों में राहत मिलने की संभावना है, जब बिजली की मांग सर्वाधिक रहती है।
लखवाड़ परियोजना को भी मिली गति
निदेशक मंडल ने 300 मेगावाट की लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना के विद्युत यांत्रिक कार्यों से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। साथ ही परियोजना के विभिन्न हाइड्रो-मैकेनिकल कार्यों की निविदाएं तैयार करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। इन निर्णयों से परियोजना के आगामी कार्यों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ होगा।
कार्मिक व वित्तीय जवाबदेही पर भी निर्णय
बैठक में पेंशन योजना के लाभ से आच्छादित नहीं होने वाले कार्मिकों के हित में अनुग्रह क्षतिपूर्ति धनराशि से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वैधानिक लेखा परीक्षक की नियुक्ति और वित्तीय वर्ष 2025-26 की लागत लेखा परीक्षा रिपोर्ट को स्वीकृति प्रदान की गई। इन फैसलों के जरिए निगम के वित्तीय प्रबंधन और कार्मिक हितों से जुड़े विषयों पर भी निर्णय लिए गए। बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव वित्त दिलीप जावलकर, स्वतंत्र निदेशक इंदू कुमार पाण्डे एवं पराग गुप्ता, निदेशक परिचालन जीएस बुदियाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






