
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 13 सितंबर 2026ः
पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर उत्तराखंड में कर्मचारी आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन (एनएमओपीएस) के बैनर तले कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी वहीं पर बैठ गए। कर्मचारियों ने सरकार से एक अक्टूबर 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग उठाई। संगठन का दावा है कि प्रदेश में 90 हजार से अधिक एनपीएस और यूपीएस से प्रभावित कर्मचारी पुरानी पेंशन की बहाली की मांग कर रहे हैं।
एनएमओपीएस के बैनर के तहत रविवार को कर्मियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बारिश के बीच मुख्यमंत्री आवास कूच किया। हाथीबड़कला के निकट पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग लगाकर रोके जाने पर प्रदर्शनकारी सड़क पर धरना देकर बैठ गए और सरकार को जमकर खरी-खोटी सुनाई। इस दौरान उनकी पुलिस से झड़प भी हुई। बाद में प्रदर्शनकारियों ने सीएम धामी के समन्वयक भुवन रावत को ज्ञापन देकर पुरानी पेंशन को बहाल करने की मांग उठाई।

ज्ञापन में कहा गया है कि पुरानी पेंशन व्यवस्था सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा की गारंटी देती थी, जबकि एनपीएस और यूपीएस को लेकर कर्मचारियों के बीच कई तरह की आशंकाएं हैं। इसी को लेकर प्रदेशभर में कर्मचारी संगठन लंबे समय से पुरानी पेंशन बहाली की मांग उठा रहे हैं। एनएमओपीएस ने मुख्यमंत्री से उत्तराखंड में एक अक्टूबर 2005 के बाद नियुक्त सभी अधिकारी-कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाल करने का आग्रह किया। साथ ही सकारात्मक कार्रवाई न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
संगठन के अध्यक्ष विजय बंधु, प्रांतीय अध्यक्ष जीतमणि पैन्यूली, महामंत्री मुकेश रतूड़ी ने कहा कि यह केवल पेंशन का मुद्दा नहीं, बल्कि कर्मचारियों के बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन से जुड़ा सवाल है। उन्होंने धामी सरकार से मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया।






