Maharashtra

अगर मुझे नर्क और पाकिस्तान में से किसी एक को चुनना पड़े तो में नर्क को चुनूंगा : जावेद अख्तर

मुम्बई, 18 मई 2025

काश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद देश में हर किसी के मन में पाकिस्तान के लिए गुस्सा है। भारत व्दारा आतंकवादियों और पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश के जानेमाने गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर ने भी इसी संदर्भ में कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा है कि यदि उनके पास नरक और पड़ोसी देश के बीच केवल दो विकल्प हों, तो वह नरक को चुनेंगे।

शनिवार को मुम्बई में एक पुस्तक विमोचन समारोह में बोलते हुए जावेद अख्तर ने कहा कि उन्हें बहुत प्रशंसा मिलती है, लेकिन साथ ही “दोनों पक्षों” के “चरमपंथियों” से गालियां और आलोचनाएं भी मिलती हैं – हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि दोनों पक्ष कौन हैं।

हिंदी में बोल रहे गीतकार ने चुटकी लेते हुए कहा, “होता यह है कि अगर आप सिर्फ एक पक्ष की तरफ से बोलते हैं तो आप सिर्फ एक पक्ष को ही दुखी करते हैं। लेकिन अगर आप सबके लिए बोलते हैं तो आप बहुत सारे लोगों को दुखी करते हैं। मैं आपको अपना ट्विटर (अब एक्स) और व्हाट्सएप दिखा सकता हूं जिसमें दोनों तरफ से मुझे गालियां दी जाती हैं। बहुत सारे लोग मेरी सराहना भी करते हैं, मेरी तारीफ भी करते हैं और मेरा हौसला बढ़ाने में मेरी मदद भी करते हैं, लेकिन यह भी सच है कि दोनों तरफ के कट्टरपंथी मुझे गालियां देते हैं। ऐसा ही होना चाहिए, क्योंकि अगर एक पक्ष रुक गया तो मुझे आश्चर्य होने लगेगा कि मैं क्या गलत कर रहा हूं।” उन्होंने कहा, “एक पक्ष मुझसे कहता है कि तुम ‘काफिर’ हो और तुम्हें ‘जहन्नुम’ (नरक) जाना होगा और दूसरा पक्ष कहता है कि तुम जिहादी हो और तुम्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए। अब, अगर मेरे पास केवल यही दो विकल्प हैं, तो मैं नरक में जाना पसंद करूंगा… मैं जब मुंबई आया था, तब मेरी उम्र 19 साल थी और मैं जो कुछ भी हूं, वह इस शहर और महाराष्ट्र की वजह से हूं।”

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इस महीने की शुरुआत में, अख्तर ने पाकिस्तान पर यह दुष्प्रचार फैलाने का आरोप लगाया था कि कश्मीरी दिल से पाकिस्तानी हैं। उन्होंने कहा, “यह झूठ है। आजादी के बाद जब पाकिस्तान ने कश्मीर पर हमला किया था, तो कश्मीरियों ने उन्हें तीन दिन तक रोके रखा था, हमारी सेना उसके बाद ही पहुंची। सच्चाई यह है कि वे भारत के बिना नहीं रह सकते। (पहलगाम में) जो कुछ हुआ है, उससे उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। पर्यटन को नुकसान पहुंचा है। कश्मीरी भारतीय हैं और उनमें से 99 प्रतिशत भारत के प्रति वफादार हैं।” बता दें कि पहलगाम आंतकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।

 

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