राजकिशोर तिवारी
रुड़की, 11 मई 2026:
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर आईआईटी रुड़की में आयोजित कार्यक्रम में तकनीक को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संदेश दिया गया। ‘रिस्पांसिबल इनोवेशन फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ’ विषय पर हुए इस आयोजन में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा ने टेक्नोलॉजिकल अंत्योदय की अवधारणा सामने रखी।
कार्यक्रम में प्रदीप बत्रा ने कहा कि विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नवाचार केवल आधुनिक विकास के साधन नहीं हैं, बल्कि समाज के आखिरी व्यक्ति तक अवसर पहुंचाने का जरिया भी हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक का असली मकसद तभी पूरा होगा, जब उसका लाभ गांव, गरीब, किसान, छात्र और युवाओं तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस और इनोवेशन के जरिए लोगों के जीवन को आसान और सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है। उत्तराखंड को इनोवेशन हब के रूप में विकसित करने और युवाओं को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक नई तकनीकी दक्षताओं से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
युवाओं से संवाद करते हुए प्रदीप बत्रा ने कहा कि वे तकनीक को सिर्फ रोजगार का माध्यम न मानें, बल्कि विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका तय करें। उनके मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकें आने वाले समय में देश की तरक्की की दिशा तय करेंगी।
यूकॉस्ट, आईटीडीए और लक्ष्य सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और समावेशी विकास जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, वैज्ञानिक, शिक्षाविद व शोधार्थी मौजूद रहे।






