
नई दिल्ली, 10 अगस्त 2026:
80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में इस बार लाल किले से होने वाले कार्यक्रम का क्रम बदला जाएगा। रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को जानकारी दी कि पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किला पहुंचने के बाद सबसे पहले राष्ट्रगीत वंदे मातरम् प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद तिरंगा फहराया जाएगा और फिर राष्ट्रगान जन गण मन गाया जाएगा।
पहली बार बदला गया समारोह का क्रम
रक्षा सचिव आरके सिंह ने बताया कि इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह तय प्रोटोकॉल के मुताबिक आयोजित होगा। प्रधानमंत्री के लाल किला पहुंचने पर सबसे पहले वंदे मातरम् का गायन होगा। इस दौरान समारोह में मौजूद सभी लोग सम्मान में खड़े रहेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और फिर राष्ट्रगान होगा। अब तक स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण, राष्ट्रगान और प्रधानमंत्री के संबोधन का पारंपरिक क्रम अपनाया जाता रहा है। इस बार पहली बार ध्वजारोहण से पहले राष्ट्रगीत को शामिल किया गया है।
वंदे मातरम् को लेकर जारी हुए नए दिशा-निर्देश
केंद्र सरकार ने इस साल वंदे मातरम् के गायन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। गृह मंत्रालय के मुताबिक, यदि किसी सरकारी कार्यक्रम में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों प्रस्तुत किए जाते हैं तो पहले राष्ट्रगीत और उसके बाद राष्ट्रगान होगा। दिशानिर्देशों में वंदे मातरम् के स्वीकृत संस्करण के गायन और वादन से जुड़े नियम भी शामिल किए गए हैं।

150 वर्ष पूरे होने पर खास फोकस, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी भेजे निर्देश
सरकार ने 2026 में वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इसे विशेष महत्व दिया है। इसी कड़ी में देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह की थीम भी वंदे मातरम् पर आधारित रही थी। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी इस नए प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश भेजे हैं। मकसद यह है कि सरकारी समारोहों में राष्ट्रगीत का गायन एक समान प्रक्रिया के तहत कराया जाए।






