अयोध्या, 14 अप्रैल 2026:
अयोध्या के इमामबाड़ा जवाहर अली खां में याद-ए-शोहदा कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें मुल्क के साथ ईरान के प्रतिनिधि संग बाहर से आए मेहमान भी शामिल हुए। कार्यक्रम में इंसानियत, भाईचारे और कुर्बानी का पैगाम दिया गया। अल कायम फाउंडेशन ट्रस्ट की तरफ से आयोजित इस कार्यक्रम में अलग-अलग मजहब के लोगों ने शिरकत की।
ईरान के प्रतिनिधि और ईरानी कल्चर हाउस से जुड़े अयातुल्लाह डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि सुप्रीम लीडर सैय्यद अली खामेनई ने हमेशा सच और इंसाफ का साथ दिया। उन्होंने कहा कि उनकी शख्सियत दुनिया भर के लोगों को एकजुट होने का पैगाम देती है। आज भी लोग उनके ख्यालात से सीख ले रहे हैं।

मौलाना डॉ. कल्बे रुशैद रिजवी ने कहा कि खामेनई सिर्फ एक नाम नहीं बल्कि एक तालीमी मरकज की तरह थे। उन्होंने हर हाल में सच का साथ दिया, दबाव में झुकना कबूल नहीं किया। समाजसेवी धर्मवीर सिंह बग्गा, लश्करी मंदिर के महंत अरुण दास समेत कई लोगों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने आपसी भाईचारे पर जोर दिया।
मौलाना नदीम रजा जैदी, मौलाना वसी हसन खां, मौलाना मोहम्मद मोहसिन, मौलाना कमर मेंहदी समेत अन्य उलेमाओं ने भी शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की। इस दौरान समाज में इंसानियत को मजबूत करने की बात कही गई।






