पंकज
काकोरी (लखनऊ), 7 दिसंबर 2025:
आगरा एक्सप्रेसवे के पास जालियामऊ में रविवार को भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर 12 गांवों के किसानों की महापंचायत आयोजित हुई। एलडीए की वरुण विहार परियोजना के लिए अधिग्रहित की जा रही कृषि भूमि के उचित मुआवज़े को लेकर बड़ी संख्या में किसान एक मंच पर एकत्र हुए। किसानों ने सर्वसम्मति से 1.25 करोड़ रुपये प्रति बीघा मुआवज़ा निर्धारित करने की मांग दोहराई। इस दौरान वहां मौजूद पूर्व मंत्री कौशल किशोर ने उनकी मांग का समर्थन किया।
किसानों का कहना है कि विकास योजनाओं के नाम पर उनकी उपजाऊ जमीन ली जा रही है, लेकिन बदले में दिया जा रहा मुआवज़ा वर्तमान जरूरतों और भविष्य की सुरक्षा के अनुरूप नहीं है। किसानों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात रही। प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्यक्रम के दौरान पूरे समय शांति और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रखी।

महापंचायत में भाजपा के पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर समेत कई स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कौशल किशोर ने किसानों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि 12 गांवों के सभी किसानों को समान रूप से 1.25 करोड़ रुपये प्रति बीघा मुआवज़ा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ किसी तरह का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
किसानों ने उम्मीद जताई कि एलडीए उनकी मांगों पर पारदर्शी और सकारात्मक रवैया अपनाएगा। उन्होंने कहा कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं, बल्कि अपनी जमीन का न्यायसंगत मूल्य चाहते हैं। साथ ही मुआवज़ा निर्धारण की प्रक्रिया को स्पष्ट और किसान हित में आगे बढ़ाने की अपील भी की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. रमेश रावत, रवि पारस पाल, मुन्ना भाई, हरिपाल गौतम उर्फ़ कल्लू, दाऊद मियां, पिंटू राजपूत, मुनव्वर अहमद, सुंदरलाल यादव, डॉ. महेंद्र प्रजापति, सूरज कनौजिया, अजय राजपूत, रमाकांत, दिलीप प्रधान, कप्तान यादव, धर्मेंद्र सिंह चौहान, सुरेंद्र लोधी, नरेश प्रजापति, जयवीर, सरोज यादव, पेंटर राकेश प्रजापति, मोहम्मद इब्राहिम, मोहम्मद शरबत अली का महत्वपूर्ण योगदान रहा। किसानों ने चेतावनी दी कि उचित मुआवज़े पर निर्णय न होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।






