लखनऊ, 30 मई 2026:
समाज के वंचित, विमुक्त और घुमंतू समुदायों के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यूपी सरकार ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत लखनऊ स्थित भागीदारी भवन में आयोजित उद्यमिता विकास कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया और स्वरोजगार के अवसरों को लेकर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
कार्यक्रम का मकसद युवाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ते हुए उन्हें रोजगार मांगने वाला नहीं बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना था। इस अवसर पर राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उद्यमिता आर्थिक सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम है। युवाओं को छोटे-छोटे समूह बनाकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते हुए अपने व्यवसाय की शुरुआत करनी चाहिए।
असीम अरुण ने कहा कि स्वरोजगार आर्थिक मजबूती देने के साथ सामाजिक सम्मान और आत्मविश्वास भी बढ़ाता है। उन्होंने युवाओं को नवाचार और उद्यमिता की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए उपलब्ध सरकारी सहायता का अधिकतम लाभ लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, सीएम युवा योजना, ओडीओपी, विश्वकर्मा सर्वसम्मान योजना, स्टैंड-अप इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना समेत कई महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और वित्तीय सहायता के विभिन्न पहलुओं पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा वन-टू-वन काउंसलिंग सत्र रहा। इसमें युवाओं को उनकी रुचि, कौशल और जरूरतों के अनुरूप व्यक्तिगत सलाह दी गई।
इससे प्रतिभागियों को अपने भविष्य के व्यवसायिक विकल्पों को लेकर स्पष्ट दिशा मिली। विभाग के उप निदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम अब हर सप्ताह आयोजित किए जाएंगे। उनका उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को उद्यमिता से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर भारत तथा आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण में सहभागी बनाना है।






