न्यूज डेस्क, 5 जून 2026:
चैटजीपीटी ने टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक और बड़ा इतिहास रच दिया है। ओपन AI के चैटबॉट चैटजीपीटी ने महज तीन साल के भीतर 100 करोड़ यानी एक बिलियन मंथली एक्टिव यूजर्स का आंकड़ा पार कर लिया है। बाजार विश्लेषण फर्म सेंसर टावर की रिपोर्ट के मुताबिक यह उपलब्धि हासिल करने वाला चैटजीपीटी दुनिया का सबसे तेज ऐप बन गया है।
इस मामले में उसने गूगल मैप्स, इंस्टाग्राम, टिकटॉक और यूट्यूब जैसे बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिए हैं।बताया जा रहा है कि टिकटॉक को इस आंकड़े तक पहुंचने में करीब पांच साल और इंस्टाग्राम को आठ साल लगे थे जबकि चैटजीपीटी ने यह मुकाम सिर्फ तीन साल में हासिल कर लिया।
चैटजीपीटी लगातार नए फीचर्स और बेहतर अनुभव के जरिए अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है वहीं दूसरी ओर एन्थ्रोपिक का क्लाउड एआई भी तेजी से बाजार में अपनी पहचान बना रहा है। सेंसर टावर की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 की दूसरी तिमाही तक क्लाउड एआई के पास करीब 5.6 करोड़ मंथली एक्टिव यूजर्स हो चुके हैं।
यूजर्स की कुल संख्या के मामले में क्लाउड अभी चैटजीपीटी से काफी पीछे है लेकिन इसकी ग्रोथ रेट ने बड़ी कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि जहां चैटजीपीटी की सालाना ग्रोथ 62 प्रतिशत रही वहीं क्लाउड एआई ने 640 प्रतिशत की विस्फोटक ग्रोथ दर्ज की है। माना जा रहा है कि क्लाउड खासकर प्रोफेशनल और बिजनेस यूजर्स के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

इसी बीच ओपन एआई ने चैटजीपीटी के मेमोरी सिस्टम में बड़े अपग्रेड का ऐलान किया है। कंपनी इस नए सिस्टम को ‘ड्रीमिंग’ नाम दे रही है। नए फीचर के आने के बाद चैटजीपीटी सिर्फ पुरानी बातचीत याद नहीं रखेगा बल्कि यूजर्स की पसंद, व्यवहार और बातचीत के कॉन्टेक्स्ट को भी बेहतर तरीके से समझ सकेगा।
उदाहरण के तौर पर अगर कोई यूजर ट्रैवल प्लानिंग या होटल से जुड़ी जानकारी मांगता है तो चैटजीपीटी उसकी पुरानी पसंद के आधार पर ज्यादा पर्सनलाइज सुझाव देगा। इससे यूजर्स को हर बार शुरुआत से सारी जानकारी देने की जरूरत नहीं पड़ेगी और एआई पहले से ज्यादा स्मार्ट अनुभव देगा। खास बात यह है कि यह फीचर सिर्फ पेड सब्सक्राइबर्स तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि फ्री यूजर्स को भी इसका फायदा मिलेगा।
ओपन एआई ने यूजर्स को मेमोरी फीचर पर ज्यादा कंट्रोल देने की भी तैयारी की है। नए अपडेट के तहत यूजर यह देख पाएंगे कि चैटजीपीटी उनके बारे में कौन-कौन सी जानकारी याद रख रहा है। साथ ही वे चाहें तो उस जानकारी को अपडेट या डिलीट भी कर सकेंगे। कंपनी का कहना है कि इससे यूजर्स को ज्यादा पारदर्शिता और बेहतर कंट्रोल मिलेगा।
एआई इंडस्ट्री की यह प्रतिस्पर्धा अब सिर्फ यूजर्स तक सीमित नहीं रही बल्कि शेयर बाजार तक पहुंच चुकी है। बताया जा रहा है कि एन्थ्रोपिक ने अमेरिकी बाजार में गोपनीय रूप से आईपीओ के लिए दस्तावेज जमा कर दिए हैं। वहीं ओपन एआई भी आने वाले समय में अपना आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले वर्षों में ओपन एआई और एंथ्रोपिक के बीच की यह जंग टेक इंडस्ट्री की दिशा तय कर सकती है।






