न्यूज डेस्क, 4 जुलाई 2026:
ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रमों के बीच शनिवार को राजधानी तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला में बड़ी संख्या में लोग जुटे। शिया परंपरा के मुताबिक काले कपड़े पहनकर पहुंचे लोगों ने मातम मनाया। इस दौरान कई जगह अमेरिका विरोधी नारे लगे। कुछ समूहों ने डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ भी नारेबाजी की।
ईरान में अंतिम संस्कार से जुड़ी रस्में 3 जुलाई से शुरू हो चुकी हैं, जो 9 जुलाई तक चलेंगी। श्रद्धांजलि समारोह में भारत समेत 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। तेहरान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सेना और पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है। प्रमुख सड़कों पर सैन्य वाहन मौजूद हैं, जबकि संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है। अंतिम संस्कार में आने वाले लोगों के लिए मेट्रो और सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई है। होटल किराए में छूट, स्कूलों और मस्जिदों में ठहरने की व्यवस्था के साथ दूसरे शहरों से लोगों को लाने के लिए विशेष ट्रेनें भी चलाई गई हैं।

भारत सरकार की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने शोक समारोह में हिस्सा लिया। इसके अलावा महबूबा मुफ्ती, सलमान खुर्शीद समेत कई भारतीय राजनीतिक और धार्मिक प्रतिनिधि भी तेहरान पहुंचे।
उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने मानवीय आधार पर अंतिम संस्कार के लिए ईरान को एक सप्ताह का समय दिया है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम पूरा होने के बाद ईरान को अमेरिकी प्रस्तावों पर फैसला लेना होगा। ट्रंप के बयान पर ईरान की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
चार दिन की अंतिम संस्कार प्रक्रिया ऐसे होगी
खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम कई चरणों में पूरा किया जाएगा। 5 जुलाई को जनाजे की नमाज अदा की जाएगी। 6 जुलाई को तेहरान में अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। 7 जुलाई को क़ोम में धार्मिक रस्में होंगी। 8 जुलाई को पार्थिव शरीर इराक के पवित्र शहर नजफ और कर्बला ले जाया जाएगा। इसके बाद 9 जुलाई को मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह परिसर में राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।






