लखनऊ, 4 जुलाई 2026:
यूपी के माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा किताबों तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का नया मॉडल लागू किया जा रहा है। इस क्रम में जुलाई माह का शैक्षणिक कैलेंडर गतिविधियों से भरपूर रहेगा। इसमें नियमित पठन-पाठन के साथ बोर्ड परीक्षा की तैयारियां, डिजिटल शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, करियर मार्गदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर विशेष जोर दिया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अनुसार पूरे महीने विद्यालयों में ऐसी गतिविधियां संचालित होंगी जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ नेतृत्व क्षमता, जीवन कौशल, तकनीकी दक्षता और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना है। नियमित शिक्षण के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और व्यावहारिक ज्ञान को भी समान महत्व दिया जाएगा।
जुलाई के दौरान विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान, वन महोत्सव, सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान तथा साइकोमेट्रिक टेस्ट आधारित करियर काउंसिलिंग का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों में स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा और भविष्य की बेहतर योजना बनाने के प्रति जागरूकता विकसित की जाएगी।
विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक प्रवेश संबंधी सभी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। कक्षा 10 और 12 के विद्यार्थियों के विवरण का सत्यापन कर बोर्ड परीक्षा आवेदन प्रक्रिया संपन्न होगी। कक्षा 11 के विद्यार्थियों का पंचम पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाएगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) का प्रशिक्षण दिया जाएगा। छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए आवेदन भी कराए जाएंगे जिससे अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।
जुलाई के दूसरे सप्ताह में कक्षा 9 से 12 तक प्रथम यूनिट टेस्ट आयोजित होगा। इसमें मई माह के गृहकार्य और अप्रैल से जुलाई के प्रथम सप्ताह तक पढ़ाए गए पाठ्यक्रम के आधार पर बहुविकल्पीय प्रश्नों के जरिए विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके साथ विद्यालयों में नियमित शैक्षणिक अनुश्रवण भी सुनिश्चित किया जाएगा।
महीने के दौरान अभिभावक-शिक्षक संघ की सामान्य सभा और कार्यकारिणी का गठन होगा। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को अरुणाचल प्रदेश और मेघालय की संस्कृति से परिचित कराया जाएगा। स्काउट-गाइड, योग, खेलकूद, प्रार्थना सभा आधारित प्रेरक गतिविधियां और डिजिटल शिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने कहा कि जुलाई का शैक्षणिक कैलेंडर विद्यार्थियों के समग्र विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। विभाग का लक्ष्य है कि हर विद्यालय इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करे जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ भविष्य के लिए आवश्यक कौशल और बेहतर अवसर भी मिल सकें।






