Uttar Pradesh

पास्को एक्ट में राहत: अयोध्या पहुंचे बृजभूषण, कहा…मैं हनुमान भक्त, सताने वाले को भगवान देंगे दंड

अयोध्या, 27 मई 2025:

यौन उत्पीड़न के मामले में पटियाला हाउस स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत से राहत मिलने पर भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष व भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह मंगलवार को अयोध्याधाम पहुंचे। ढोल नगाड़ों के साथ हुए स्वागत के बाद उन्होंने हनुमान गढ़ी जाकर दर्शन पूजन किया। इसके बाद मीडिया से रूबरू होकर भाजपा नेता ने विरोधियों पर भड़ास निकाली। कहा कानून उपयोगी होते हैं उनका दुरुपयोग किया जाता है। आप पार्टी का सत्यानाश हो गया मैं हनुमान भक्त हूं जो मुझे सताएगा भगवान उसको दंड देंगे।

बता दें नाबालिग पहलवान द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के मामले में कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली है, जिसके चलते अब यह मामला औपचारिक रूप से खत्म हो गया है। इसी के साथ ही भाजपा नेता बृजभूषण को बड़ी राहत मिली। उन्होंने मंगलवार को मिली इस राहत के बाद तुरंत अयोध्या का रुख किया और एयरपोर्ट पर उड़नखटोला उतरने के बाद उनका जमकर स्वागत किया गया। ढोल नगाड़ों के बीच जगह जगह रुकते हुए उनका काफिला हनुमान गढ़ी पहुंचा। यहां दर्शन पूजन कर वो मीडिया से रूबरू हुए।

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कांग्रेस व आम आदमी पार्टी का हुआ सत्यानाश

मीडिया से मुखातिब होकर वो बोले जनवरी 2023 में मेरे ऊपर आरोप लगाया गया था, तभी मैंने कहा था यह झूठ है। अगर आरोप साबित हो जाएंगे तो खुद ही फांसी पर लटक जाऊंगा। मैंने जो कहा था वह प्रमाणित हुआ है। न्याय पालिका पर मैंने पहले भी भरोसा जताया था और आज भी आभार प्रकट करता हूं। ‘आम आदमी पार्टी ने मेरा विरोध किया तो उनका सत्यानाश हो गया। मेरे ऊपर आरोप लगाने में सबसे ज्यादा सजा कांग्रेस को, दीपेंद्र हुड्डा को मिली। वो मुख्यमंत्री बन रहे थे लेकिन संतरी भी नहीं बन पाए।

आरोप लगाने वाले मुझे कुश्ती का भगवान कहते थे

मेरा जिसने भी विरोध किया है, सबको भगवान दंड देंगे, क्योंकि मैं हनुमान जी का भक्त हूं। जिन खिलाड़ियों ने मेरे ऊपर आरोप लगाया, वह मुझे कुश्ती का भगवान कहते थे। इस आरोप से कई बच्चों ने अपनी जिंदगी खो दी, कई वरिष्ठ अधिकारियों ने आत्महत्या कर ली। इसके प्रमाण हैं। जिनको न्याय नहीं मिला, वह सजा काट रहे हैं या अपना जीवन समाप्त कर चुके हैं।’

धाराओं के दुरुपयोग की दुगनी सजा मिले

दहेज उत्पीड़न, दलित उत्पीड़न और यौन उत्पीड़न इन धाराओं का उपयोग संरक्षण के लिए था लेकिन इनका दुरुपयोग हो रहा है जबकि इनकी उपयोगिता है। यौन उत्पीड़न की धाराओं के दुरुपयोग को कैसे रोका जाए इसको सरकार सुनिश्चित करे। धारा समाप्त करने की बात नहीं हो रही है लेकिन एक समीक्षा जरूर किया जाना चाहिए। यौन उत्पीड़न करने पर अगर 10 साल की सजा हो तो धारा का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ दुगनी सजा हो।

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