
लखनऊ, 27 सितंबर 2026:
तीन दिन से लगातार हो रही भारी बारिश के बाद यूपी की राजधानी लखनऊ में गोमती नदी ने कई साल बाद अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण निचले इलाकों में पानी पहुंचने लगा है। बढ़ते दबाव को देखते हुए गोमती बैराज के सभी गेट खोल दिए गए हैं। फैजुल्लागंज के निचले इलाकों में पानी लोगों के घरों के आसपास तक पहुंच गया है। लगातार बारिश जारी रही तो शहर के दूसरे निचले इलाकों में भी मुश्किल बढ़ सकती है।
गोमती बैराज पर जलस्तर 106.08 मीटर दर्ज किया गया है। यह खतरे के निशान 109.5 मीटर से अभी नीचे है। वहीं, गऊघाट पर नदी का जलस्तर 107.57 मीटर तक पहुंच गया है। जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए सिंचाई विभाग और संबंधित अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक लखनऊ के नालों का पानी लगातार गोमती में गिर रहा है। इसके अलावा आसपास के जिलों में हुई भारी बारिश का पानी भी नदी में पहुंच रहा है। यही वजह है कि बारिश रुकने के बावजूद नदी का जलस्तर तत्काल नीचे आने की संभावना कम है।

फैजुल्लागंज के बाद अब बीकेटी और इटौंजा पर नजर
गोमती का पानी बढ़ने के साथ फैजुल्लागंज के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो बख्शी का तालाब (बीकेटी), इटौंजा और आसपास के निचले इलाकों में भी पानी बढ़ सकता है।
वहीं, शहीद पथ के आसपास के निचले हिस्सों पर भी नजर रखी जा रही है। जलस्तर और बढ़ने की स्थिति में डायल-112 कार्यालय, पुलिस मुख्यालय और इकाना स्टेडियम के आसपास के निचले इलाकों में पानी पहुंचने की आशंका जताई गई है।
अगले दो-चार दिन अहम
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार लगातार बारिश का असर अभी खत्म नहीं हुआ है। नैमिषारण्य समेत आसपास के अन्य जिलों में हुई बारिश का पानी अगले करीब चार दिनों में लखनऊ तक पहुंचने की बात कही जा रही है। ऐसे में गोमती का जलस्तर फिलहाल बना रह सकता है। बारिश थमने और बाहरी क्षेत्रों से पानी का प्रवाह कम होने के बाद ही जलस्तर में राहत की उम्मीद है।






