
लखनऊ, 27 सितंबर 2026:
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने एक बार फिर चुनाव आयोग और भाजपा पर हमला बोला। रविवार को लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने SIR प्रक्रिया और फॉर्म-7 के इस्तेमाल को लेकर गंभीर आरोप लगाए। अखिलेश ने दावा किया कि भाजपा से जुड़े लोगों ने गांव-गांव जाकर बड़ी संख्या में फॉर्म-7 भरवाए जिनके जरिए मतदाता सूची से नाम हटाने की कोशिश की गई।
अखिलेश ने कहा कि लखनऊ में एक व्यक्ति ने 100 से अधिक वोट कटवाने के लिए फॉर्म-7 भरे। उनका दावा था कि एक व्यक्ति अधिकतम पांच लोगों के खिलाफ ही यह फॉर्म जमा कर सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद बड़ी संख्या में फॉर्म स्वीकार किए गए और वोटर लिस्ट से नाम हटाए गए। चुनाव आयोग द्वारा फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची में दर्ज नाम पर आपत्ति या नाम हटाने के अनुरोध के लिए किया जाता है।
सपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयोग पर लगे आरोपों के बीच मुख्यमंत्री आयोग का बचाव कर रहे हैं तो इससे कई सवाल खड़े होते हैं। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा और आयोग के बीच मिलीभगत से वोटरों के नाम हटाने की कोशिश हो रही है।
अखिलेश ने 2019 और 2022 के चुनावों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि 2019 में मतदान करने वाले कुछ लोगों को 2022 में वोट डालने से रोक दिया गया। उन्होंने दावा किया कि उपचुनावों में भी सड़कों को ब्लॉक करने और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती के जरिए मतदाताओं को बूथ तक पहुंचने से रोका गया।
‘गोरखपुर को स्पेन बताते हैं, वहां नाव चल रही’
सपा अध्यक्ष ने गोरखपुर में जलभराव को लेकर भी सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि गोरखपुर को स्पेन जैसा बनाने की बात कही जाती है लेकिन शहर में जगह-जगह पानी भरा है। जहां मेट्रो चलने का दावा किया जा रहा था, वहां अब नाव चलने की स्थिति है। उन्होंने सैफई के विकास का उदाहरण देते हुए गोरखपुर के विकास मॉडल पर सवाल उठाए।
खेलों के मुद्दे पर अखिलेश ने कहा कि सपा के घोषणापत्र में खिलाड़ियों की मांगों को शामिल किया जाएगा। ग्राम स्तर से राज्य स्तर तक खेल सुविधाओं के विस्तार के साथ खिलाड़ियों के लिए भोजन, डॉक्टर और उपकरण उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
वहीं 30 सितंबर को प्रस्तावित INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं होने पर अखिलेश ने कहा कि उस दिन वह दूसरे काम में व्यस्त रहेंगे। उनकी जगह सपा के वरिष्ठ नेता बैठक में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष से बातचीत हो चुकी है। गठबंधन के नेताओं के बीच जारी बयानबाजी को उन्होंने रणनीति का हिस्सा बताया।






