Lucknow News : सड़क के गड्ढों ने तोड़ी आस, सरकारी मदद नहीं मिली तो ग्रामीणों ने खुद उठाया फावड़ा
800 मीटर लंबे गुमानीखेड़ा-हुसैनाबाद मार्ग पर जगह-जगह गहरे गड्ढे, मोहनलालगंज और गोसाईंगंज ब्लॉक के हजारों लोगों का रोजाना होता है आवागमन, स्कूली बच्चों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी, श्रमदान कर गड्ढों में मिट्टी-मलबा डाल रहे ग्रामीण

एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 8 अक्टूबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज और गोसाईंगंज ब्लॉक को जोड़ने वाला करीब 800 मीटर लंबा गुमानीखेड़ा-हुसैनाबाद संपर्क मार्ग लंबे समय से बदहाल है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे होने से रोजाना आने-जाने वाले ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार शिकायत और इंतजार के बाद भी स्थायी मरम्मत नहीं होने से अब ग्रामीणों ने सरकारी मदद की आस छोड़कर खुद सड़क सुधारने का काम शुरू कर दिया है। ग्रामीण फावड़ा लेकर गड्ढों में मिट्टी और मलबा डाल रहे हैं, ताकि सड़क कम से कम आवागमन के लायक बनी रहे।
दो ब्लॉकों के बीच रोजाना हजारों लोगों का रास्ता
गुमानीखेड़ा-हुसैनाबाद संपर्क मार्ग मोहनलालगंज ब्लॉक के गुमानीखेड़ा को गोसाईंगंज ब्लॉक के हुसैनाबाद से जोड़ता है। करीब 800 मीटर की यह सड़क आसपास के ग्रामीणों के लिए रोजाना आने-जाने का अहम रास्ता है। नौकरी, मजदूरी, कारोबार और पढ़ाई के लिए ग्रामीण इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। सड़क खराब होने से पैदल चलने वालों के साथ दोपहिया और चारपहिया वाहन सवारों को भी दिक्कत हो रही है।
गड्ढों में पानी भरने से और बढ़ जाती है परेशानी
सड़क पर कई जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। बरसात के दौरान इनमें पानी भर जाने से गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में वाहन चालकों के लिए सड़क पर निकलना जोखिम भरा हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की हालत लगातार खराब होती जा रही है, लेकिन इसकी स्थायी मरम्मत की तरफ जिम्मेदारों का ध्यान नहीं है।

स्कूली बच्चों और मरीजों की राह सबसे मुश्किल
जर्जर सड़क का सबसे ज्यादा असर स्कूली छात्र-छात्राओं और मरीजों पर पड़ रहा है। बच्चों को रोजाना इसी रास्ते से होकर स्कूल जाना पड़ता है। वहीं मरीजों को अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र ले जाने वाले वाहनों को भी गड्ढों के कारण धीमी रफ्तार से निकलना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी आपात स्थिति में खराब सड़क बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है।
चुनाव में वादे, बाद में सड़क की सुध नहीं
ग्रामीणों में सड़क की बदहाली को लेकर जनप्रतिनिधियों के प्रति भी नाराजगी है। उनका आरोप है कि चुनाव के दौरान सड़क बनवाने और क्षेत्र की समस्याएं दूर करने के वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद इस मार्ग की तरफ कोई ध्यान नहीं देता। लंबे समय से सड़क की स्थिति नहीं सुधरने से ग्रामीणों में निराशा बढ़ती जा रही है।
अब ग्रामीणों ने खुद संभाली सड़क की जिम्मेदारी
लगातार उपेक्षा से परेशान गुमानीखेड़ा के ग्रामीणों ने आखिरकार खुद सड़क की मरम्मत का बीड़ा उठा लिया। रामशरण, नौमीलाल, विजय कुमार, खुशी राम, अरुण कुमार, विश्राम, राम मिलन, राम किशोर और जगदीश प्रसाद समेत दर्जनों ग्रामीण पिछले कई दिनों से श्रमदान कर रहे हैं। ग्रामीण फावड़े और दूसरे साधनों से गड्ढों में मिट्टी और मलबा डालकर उन्हें भर रहे हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को कुछ राहत मिल सके।

स्थायी निर्माण की मांग रखी
ग्रामीणों का कहना है कि मिट्टी और मलबा डालकर गड्ढे भरना सिर्फ अस्थायी उपाय है। बारिश होने या वाहनों की आवाजाही से सड़क फिर खराब हो सकती है। इसलिए शासन-प्रशासन को करीब 800 मीटर लंबे इस संपर्क मार्ग का स्थायी निर्माण कराना चाहिए, ताकि मोहनलालगंज और गोसाईंगंज ब्लॉक के बीच आने-जाने वाले ग्रामीणों को रोजाना की परेशानी से राहत मिल सके।






