
लखनऊ, 17 जुलाई 2026:
लखनऊ के शहीद पथ स्थित Omaxe Residency में चल रहे एक Fake Call Center का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। गुरुवार देर रात Crime Branch, सुशांत गोल्फ सिटी थाना, SOG, Cyber थाना और Cyber Cell की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर मौके से आठ लोगों को हिरासत में लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यहां से Customer Support के नाम पर लोगों को फोन कर साइबर ठगी की जा रही थी।
पुलिस के मुताबिक कार्रवाई देर रात करीब एक बजे शुरू हुई और शुक्रवार सुबह तक जांच चलती रही। टीम ने मौके से मोबाइल फोन, लैपटॉप समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। इनमें मौजूद डेटा की जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
Customer Support के नाम पर करते थे Cyber Fraud
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कॉल सेंटर में आने वाली Transfer Calls के जरिए लोगों से संपर्क किया जाता था। खुद को कस्टमर सपोर्ट कर्मचारी बताकर जालसाज लोगों को झांसे में लेते थे। इसके बाद ओटीपी, बैंक खाते और अन्य जरूरी जानकारी हासिल कर उनके खातों से रकम निकाल ली जाती थी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने कितने लोगों को निशाना बनाया और ठगी की रकम कहां-कहां भेजी गई।
समिट बिल्डिंग वाले मामले से भी जुड़ रही जांच
अपर पुलिस उपायुक्त अपराध एवं साइबर अपराध किरन यादव ने बताया कि गिरफ्तार सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है। जब्त किए गए मोबाइल और लैपटॉप का डिजिटल डेटा निकाला जा रहा है। जांच एजेंसियां इस मामले को पहले Summit Building Fake Call Center मामले से जोड़कर भी देख रही हैं ताकि दोनों मामलों के बीच किसी तरह के संबंध का पता लगाया जा सके।

दो-दो लोगों की टीम में करते थे काम
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह ने काम के लिए अलग-अलग टीमें बना रखी थीं। हर टीम में दो सदस्य होते थे। इनमें एक को Opener और दूसरे को Closer की जिम्मेदारी दी जाती थी। दोनों की भूमिका क्या थी और ठगी की पूरी प्रक्रिया कैसे संचालित होती थी, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
विदेशों से भी आती थीं कॉल
पुलिस के अनुसार कॉल सेंटर में कुछ कॉल विदेशों से भी आती थीं। इसी वजह से अधिकांश गतिविधियां रात के समय संचालित होती थीं। इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि गिरोह का नेटवर्क सिर्फ भारत तक सीमित था या इसके विदेशी कनेक्शन भी हैं। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और बैंकिंग लेनदेन के आधार पर पूरे Cyber Fraud Network का खुलासा करने में जुटी है।






