
लखनऊ, 20 जुलाई 2026:
दिल्ली के छात्र-युवा आंदोलन और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में सोमवार को यूपी की राजधानी लखनऊ में विरोध का सैलाब उमड़ पड़ा। शहर के अलग-अलग इलाकों में छात्रों, युवाओं और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर केंद्र सरकार को घेरा। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग उठाई।

भाकपा माले की लखनऊ जिला कमेटी ने भ्रष्टाचार, पेपर लीक और सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था की बदहाली के खिलाफ प्रतिवाद मार्च निकाला। भाकपा माले, आइसा और जसम के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के बाद कलेक्ट्रेट पहुंच कर डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र-युवा आंदोलन का समर्थन करते हुए आंदोलनकारियों के दमन की निंदा की गई।

प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग कर नई पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने, नई शिक्षा नीति-2020 को रद्द करने और सभी के लिए सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी की मांग की।

वहीं, लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों ने हनुमान सेतु से परिवर्तन चौक तक मार्च निकाला। छात्रों ने जमकर नारेबाजी करते हुए परिवर्तन चौक पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्र नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शन को देखते हुए परिवर्तन चौक पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारी छात्रों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया।

आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य भवन चौराहे के पास धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने सोनम वांगचुक और जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे कार्यकर्ताओं के समर्थन में आवाज बुलंद की और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। इससे पहले समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज चौराहे पर प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस तरह सोमवार को लखनऊ में शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और छात्र आंदोलनों के मुद्दे पर विपक्षी दलों और छात्र संगठनों का गुस्सा सड़कों पर साफ दिखाई दिया।






