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नेपाल-UP रिश्तों में नई चमक : लखनऊ की तहजीब और अयोध्या की आस्था से जुड़ रहा दिलों का पुल

पर्यटन, संस्कृति और साझा विरासत को मजबूती देने के लिए 20 वरिष्ठ पत्रकारों का भ्रमण, ‘रामायण सर्किट’ और दीपोत्सव से बढ़ेगी वैश्विक पहचान

लखनऊ, 27 अप्रैल 2026:

यूपी और नेपाल के बीच पर्यटन, संस्कृति और साझा विरासत को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत नेपाल के 20 पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल रविवार से 30 अप्रैल तक प्रदेश के दौरे पर है। यह दौरा दोनों देशों के बीच पर्यटन सहयोग को गति देने, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने और आपसी सौहार्द को और गहरा करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

अपने लखनऊ प्रवास के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने ऐतिहासिक बड़ा इमामबाड़ा और छोटा इमामबाड़ा का भ्रमण किया। अधिकारियों ने उन्हें शहर की समृद्ध स्थापत्य कला, नवाबी इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से अवगत कराया। इस दौरान यह भी बताया गया कि पारंपरिक मान्यताओं में लखनऊ को ‘लक्ष्मणपुरी’ कहा जाता है जो भारत-नेपाल के प्राचीन संबंधों की झलक पेश करता है।

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प्रतिनिधिमंडल को लखनऊ की विश्व प्रसिद्ध खान-पान संस्कृति से भी परिचित कराया गया। ‘यूनेस्को क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ का दर्जा प्राप्त यह शहर अपनी नफासत, स्वाद और मेहमाननवाजी के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। नेपाली पत्रकारों ने यहां के व्यंजनों और तहजीब को करीब से समझा और सराहा।

लखनऊ के बाद प्रतिनिधिमंडल अयोध्या का दौरा करेगा। वहां वे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर समेत रामायण से जुड़े प्रमुख स्थलों का भ्रमण करेंगे। अयोध्या और नेपाल के जनकपुर के बीच सदियों पुराने धार्मिक और सांस्कृतिक संबंध इस यात्रा को और खास बनाते हैं। जनकपुर को माता सीता की जन्मभूमि और अयोध्या को भगवान श्रीराम की नगरी के रूप में विश्वभर में मान्यता प्राप्त है। इससे दोनों स्थानों के बीच गहरा भावनात्मक जुड़ाव है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश और नेपाल के रिश्ते केवल भौगोलिक नहीं बल्कि आस्था, परंपरा और साझा विरासत पर आधारित हैं। उन्होंने बताया कि ‘रामायण सर्किट’ और ‘दीपोत्सव’ जैसे आयोजन इन संबंधों को वैश्विक मंच पर नई पहचान दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के कार्यक्रम पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ दोनों देशों के बीच विश्वास, समझ और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी मजबूत करते हैं।

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